मोहाली। ऑनलाइन ट्रेडिंग और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिये धोखाधड़ी के लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण मोहाली साइबर ठगी का केंद्र बन गया है। ट्राइसिटी का प्रमुख कारोबारी और आईटी हब होने के कारण यह साइबर अपराधियों का महत्वपूर्ण निशाना है। इस वर्ष पिछले चार महीनों में राज्य में साइबर ठगों ने लोगों से 30.10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। साइबर अपराधियों के बैंकिंग नेटवर्क में 540.34 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेनदेन राशि सामने आई है। साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 63,749 बैंक खाते फ्रीज किए हैं। पुलिस के अनुसार, करीब 64 करोड़ रुपये की रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई है। अप्रैल में मोहाली साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले में शहर निवासी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर 27.88 लाख रुपये ठग लिए गए। फरवरी में भी मोहाली पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 7.09 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया था। पीड़ितों को पहले निवेश पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा दिलाया गया, फिर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई गई। जब पीड़ितों ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने 25 फीसदी कर के नाम पर और रकम मांगनी शुरू कर दी। संवाद
म्यूल खातों का नेटवर्क और गिरफ्तारियां
मार्च में पंजाब पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने फेज-5 में किराये के कमरे से चल रहे एक म्यूल खाता नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जो ''ब्रदर ट्रेडर्स'' के नाम पर साइबर ठगों के लिए बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे भेजने के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों में करीब 20 लाख रुपये फ्रीज किए थे। मई 2026 में दिल्ली पुलिस ने एक ऑनलाइन निवेश ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसमें मोहाली निवासी हरमनजोत सिंह और कैसर मसूदी सहित आठ लोग गिरफ्तार किए गए। इस गिरोह ने एक पीड़ित से करीब 24 लाख रुपये की ठगी की थी।
पंजाब में साइबर अपराध की स्थिति और पुलिस की अपील
मोहाली में सामने आए मामले पंजाब में बढ़ते साइबर अपराध की बड़ी तस्वीर का हिस्सा हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, 24 जून तक मोहाली सहित पंजाब के 29 साइबर क्राइम थानों में 956 एफआईआर दर्ज की गईं और 729 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साइबर ठग अब सीधे बैंक अधिकारी बनकर फोन करने के बजाय लोगों को निवेश और कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं।
साइबर ठगी के बदलते ट्रेंड के साथ साइबर पुलिस को भी समय-समय पर स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। मोहाली साइबर पुलिस ने कई बड़े मामलों में खाते फ्रीज करके रकम वापिस भी दिलवाई है। लोगों से अपील है कि वह अपनी फाइनेंशियल जानकारी किसी से शेयर ना करते और तुरंत 1930 पर तुरंत शिकायत दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। - वरिंदर सिंह खोसा, डीएसपी साइबर क्राइम मोहाली।