मोहाली के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में साहिल कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2025 में थाना सिटी कुराली में दर्ज किया गया था। दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत सजा दी गई है। साहिल कुमार जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। मामले की पैरवी उप जिला अटॉर्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने सरकारी पक्ष की ओर से की।
पीड़िता नौवीं कक्षा में पढ़ती थी और उसकी उम्र 14 साल थी। वह अपनी सहेली के घर अक्सर आती-जाती थी। साहिल कुमार उसकी सहेली की बुआ का बेटा था। शिकायत के अनुसार, पीड़िता की साहिल से करीब एक साल से दोस्ती थी। आरोपी उसे खरड़ और आसपास के इलाकों में घूमने के बहाने ले जाता था।
पीड़िता की तबीयत खराब रहने लगी। उसने अपनी मां को इसकी जानकारी दी। परिवार उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गया। अस्पताल में जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने का पता चला।
पुलिस शिकायत और अदालत की कार्रवाई
परिवार शुरुआत में बदनामी के डर से मामला साझा नहीं करना चाहता था। अस्पताल में भर्ती होने पर चाइल्ड वेलफेयर कार्यालय की महिला अधिकारियों ने पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता ने उन्हें साहिल के बारे में पूरी जानकारी दी, जिसके बाद अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद साहिल कुमार को दोषी करार दिया।