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Mohali News: मोहाली में मैकेनिकल सफाई पर विवाद गहराया, नगर निगम बैठक में हंगामें के आसार

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मोहाली । नगर निगम में मैकेनिकल सफाई को लेकर इन दिनों घमासान मचा हुआ है। पांच साल के लिए करोड़ों रुपये के ठेके पर यह जिम्मेदारी निजी कंपनी ग्लोबल वेस्ट मैनेजमेंट सेल प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी, लेकिन अब कंपनी और नगर निगम प्रशासन के बीच साफ-सफाई की वास्तविक दूरी और भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कंपनी का आरोप है कि उसने जितना काम किया है, उसकी सही तस्वीर रिपोर्टों में पेश नहीं की जा रही। दूसरी तरफ नगर निगम ने कंपनी पर ही कई खामियों और लापरवाहियों का ठीकरा फोड़ते हुए 60 लाख रुपये का जुर्माना ठोंक दिया है।
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कंपनी का दावा:
22.60 किलोमीटर सफाई छूट गई रिपोर्ट से कंपनी का कहना है कि मोहाली में मैकेनिकल सफाई के दौरान कई रास्तों की लंबाई गलत दर्ज की गई है। कुछ नए रास्ते जिन्हें नियमित तौर पर साफ किया जा रहा है, रिपोर्ट से गायब हैं। इतना ही नहीं, कई जगहों पर सफाई के पास (कितनी बार सफाई हुई) भी कम दिखाए गए हैं। कंपनी का अनुमान है कि लगभग 22.60 किलोमीटर क्षेत्र सफाई के रिकॉर्ड से गायब है। इस कारण भुगतान घट गया है और प्रोजेक्ट प्रबंधन में आर्थिक मुश्किलें आ रही हैं। कंपनी ने नगर निगम को लिखे पत्र में यह स्पष्ट किया कि उसके कर्मचारी नियमों और अनुबंध के मुताबिक सड़कें साफ कर रहे हैं। अगर सफाई हो रही है, तो उसे रिपोर्टों में दर्ज किया जाना चाहिए और भुगतान भी उसी हिसाब से मिलना चाहिए। अगर कंपनी का दावा सही पाया जाता है, तो उसे अतिरिक्त 22.60 किलोमीटर का भुगतान मिलेगा। लेकिन अगर ठेकेदार की कमियों पर अधिक जोर दिया गया, तो उसका ठेका रद्द भी हो सकता है।
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फैक्ट फाइल: ठेका और विवाद
ठेका कंपनी : ग्लोबल वेस्ट मैनेजमेंट सेल प्रा. लि.

ठेका अवधि : 5 साल (2024 से शुरू)
कुल लागत : ₹41.54 करोड़
जुर्माना : ₹60 लाख (सड़कें, फुटपाथ, छिड़काव व आंतरिक सफाई न करने पर)
कंपनी का दावा : 22.60 किलोमीटर सफाई छूटी रिपोर्ट से

अगली कार्यवाही
: 1 अक्टूबर हाउस मीटिंग में फैसला
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कंपनी की मांग

सफाई किए गए रास्तों को सही रिपोर्ट में दर्ज किया जाए।

नई जोड़ी गई सड़कों को रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाए।
सफाई के पास (कितनी बार सफाई हुई) को सही तरह से दर्ज किया जाए।
भुगतान घटने से प्रोजेक्ट प्रबंधन प्रभावित हो रहा है।

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नगर निगम का रुख

कई सड़कों की चौड़ाई बढ़ी और कुछ नए रास्ते जुड़े हैं।
रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है।
कमिश्नर व मेयर की अनुमति के बाद ही अतिरिक्त भुगतान पर फैसला।

कंपनी की खामियों पर भी नजर, इसलिए जुर्माना लगाया गया।
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सियासी हलचल
कांग्रेस के काउंसलर भी ठेकेदार से असंतुष्ट
आगामी हाउस मीटिंग में भारी हंगामे की संभावना
ठेका रद्द करने का प्रस्ताव भी आ सकता है
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