मोहाली। पंजाब कैबिनेट की बैठक का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए मनरेगा मुलाजिमों ने अचानक ही चंडीगढ़ की ओर कूच कर दिया। इस दौरान पंजाब व चंडीगढ़ पुलिस के हाथ पांव फूल गए। विकास भवन पर पक्का मोर्चा लगाकर बैठे 500 से ज्यादा मनरेगा मुलाजिम वाईपीएस चौक से चंडीगढ़ में दाखिल भी हो गए। चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सेक्टर 52 के पास बेरिकेड लगा कर रोका। मनरेगा मुलाजिम वहीं, धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगे। मुख्यमंत्री के ओएसडी अंकित बांसल के आकर मांगपत्र न लेने तक मनरेगा मुलाजिम वहीं बैठे रहे।
पक्का होने की मांग लेकर राज्य के मनरेगा मुलाजिम पिछले पांच दिन से विकास भवन पर पक्का मोर्चा लगा कर बैठे हैं। सोमवार को इन मुलाजिमों की चंडीगढ़ की ओर अचानक ही कूच कर दिया। यह कूच उस समय हुआ जब चंडीगढ़ में पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक चल रही थी। मनरेगा मुलाजिम भी वहां पहुंच कैबिनेट का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते थे। जब तक पुलिस सजग हो पाती तब तक ये मनरेगा मुलाजिम वाईपीएस चौक की ओर से चंडीगढ़ में दाखिल हो चुके थे। सेक्टर 52 के पास बेरिकेड लगा चंडीगढ़ पुलिस ने इन मुलाजिमों को रोका। मनरेगा कर्मी बिना टकराव वहीं धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीरिंदर सिंह, महासचिव अमृतपाल सिंह, प्रेस सचिव अमरीक सिंह मेहराज, वित्त सचिव मनशेर खा ने संबोधित किया।
आश्वासन के बाद लौटे मुलाजिम
चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी अंकित बांसल वहां पहुंचे। उन्होंने मनरेगा मुलाजिमों से मांगपत्र लिया। साथ ही बैठक कर मामले का हल करने का भरोसा भी दिया। अंकित बांसल ने प्रदर्शनकारियों को मंगलवार तक बैठक का दिन व समय तय कर सूचित करने को कहा है। बांसल के आश्वसन पर मनरेगा मुलाजिम विकास भवन पर लगे पक्के मोर्चे पर लौट आए।