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व्हीलचेयर पर अंसारी की पेशी : अभी नहीं होगी बाहुबली की 'घर वापसी', रोपड़ जेल जाने से पहले बोला-मुझे फंसाया गया

Wed, 31 Mar 2021 04:10 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

  • मोहाली की अदालत में पेश किया गया बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी
  • मोहाली में दर्ज मामले की चार्जशीट की कापियां दी गई 
  • 12 अप्रैल को होगी मामले की अगली सुनवाई
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मोहाली कोर्ट में मुख्तार अंसारी की पेशी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बुधवार को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान अंसारी पर मोहाली में दर्ज मामले में पेश की गई चार्जशीट की कापियां दी गई। मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी। बाहुबली विधायक व्हील चेयर पर कोर्ट में लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया विधायक बेसुध दिखा। करीब 22 सुरक्षाकर्मियों से घिरे अंसारी ने इस दौरान कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। मोहाली में सुनवाई के बाद उसे रोपड़ जेल वापस भेज दिया गया है। 

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यूपी के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के मुकदमे और उनकी कस्टडी ट्रांसफर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि अंसारी को दो हफ्ते के अंदर उत्तर प्रदेश की जेल में शिफ्ट करना होगा। पंजाब सरकार की दलीलों से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ था। 


इससे पहले पंजाब सरकार ने रूपनगर जेल में बंद विधायक व माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने से इनकार कर दिया था। 14 आपराधिक मुकदमों के लिए यूपी सरकार को अंसारी की कस्टडी की दरकार है। जनवरी 2019 से अंसारी पंजाब की जेल में है, जहां उसे जबरन वसूली मामले में नामजद किया गया था। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि अंसारी की अनुपस्थिति के कारण यूपी में मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है।
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यूपी सरकार की याचिका पर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर अंसारी को यूपी सरकार की हिरासत में देने से इनकार किया था। पंजाब सरकार ने इसका कारण अंसारी के स्वास्थ्य को बताया था। जेल अधीक्षक के माध्यम से दायर हल्फमामे में कहा गया था कि अंसारी कथित तौर पर उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अवसाद, पीठ दर्द और त्वचा की एलर्जी से पीड़ित है।

यूपी सरकार की रिट याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए पंजाब-सरकार ने कहा था कि वह चिकित्सकों की राय के अनुसार काम कर रही है। अंसारी को यूपी से दूर रखने के लिए कोई पूर्वकल्पित साजिश नहीं थी। हलफनामे में कहा गया था कि यूपी की रिट याचिका विचार करने योग्य नहीं है क्योंकि पंजाब में अंसारी को हिरासत में रखे जाने को यूपी अपने मौलिक अधिकार के उल्लंघन का दावा नहीं कर सकती।

यूपी सरकार की याचिका में कहा था कि राज्य में अंसारी के खिलाफ गंभीर मुकदमे लंबित हैं लेकिन बावजूद इसके अंसारी एक छोटे अपराध के मामले में दो वर्ष से पंजाब के जेल में है। राज्य सरकार का कहना था कि अदालत ने कई बार अंसारी को पेशी वारंट जारी किया लेकिन जेल अथॉरिटी ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंसारी को यूपी भेजने में तालमटोल कर रही थी। 

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