पंजाब के मोहाली शहर की बेटी हरनाज कौर संधू ने 21 साल की उम्र में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर साबित कर दिया है कि देश की बेटियां किसी से कम नहीं। आज वह अपने देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के कई देशों की युवतियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
हरनाज बताती हैं कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मां ने हमेशा प्रेरित किया। उनकी मां ऐसे समय में गायनोकॉलाजिस्ट बनी थीं, जिस दौरान लड़कियों को पढ़ने तक की इजाजत नहीं होती थी। इसी तरह मैं उनकी राह पर चलते हुए उन लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती थी।
हरनाज कौर संधू ने मिस यूनिवर्स के मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ा परिश्रम किया है। उन्होंने मन में जो ठाना उसे पाने के लिए मेहनत की। उन्होंने कहा कि आप अपने लिए सच्चे रहें और खुद पर विश्वास करके मेहनत करें। दूसरों से खुद की तुलना करना बंद करें। तभी आप अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।
लोगों से उन गंभीर विषयों और चीजों के बारे में बात करनी चाहिए, जो हमारे आसपास और दुनिया में चल रही हैं। क्योंकि आपको समझने की जरूरत है कि जब तक आप अपने लिए नहीं बोलेंगे, तब तक आप आगे नहीं बढ़ सकते।
ऐसे में अपने लिए खड़ा होना और बोलना जरूर सीखें। क्योंकि आप अपने जीवन के लीडर हैं। दुनिया को दिखा दीजिए कि आप क्या हैं। क्योंकि हर एक व्यक्ति अपने आप में नायाब होता है। मैंने अपने आप पर विश्वास किया है तो ही आज मैं इस स्थान पर पहुंच पाई हूं।