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डेराबस्सीः मुख्यमंत्री की घुड़की के बाद उखड़े खनन माफिया के पैर, रातोंरात सिमट गया बोरी-बिस्तर

Mon, 16 Mar 2020 01:26 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, डेराबस्सी
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डेराबस्सी में ऐसे होता था अवैध खनन
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इलाके को अवैध खनन से राहत दिलाने का जो काम अफसर नहीं कर सके, वह कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के यू-ट्यूब चैनल बनाने के बाद पूरा हो गया। वह अपने चैनल पर अवैध खनन का खुलासा करने वाले थे। इससे पहले माफिया ने काम बंद कर दिया।
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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की घुड़की के बाद अवैध खनन का गढ़ माने जाने वाले हलका डेराबस्सी सहित पूरे राज्य में शनिवार रात से अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती के बाद खनन माफिया ने रातों-रात अपना बोरी-बिस्तरा समेट लिया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री की घुड़की के बावजूद क्रशरों, स्क्रीनिंग प्लांटों व स्थानीय अन्य लोगों से गुंडा टैक्स के रूप में रॉयल्टी लेने वाले माफिया के नाके पहले की तरह जारी हैं।

बता दें कि शनिवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता को निर्देश दिए थे कि पूरे राज्य में समय पर होने वाली अवैध माइनिंग पूरी तरह बंद करने के हुक्म दिए हैं। इन पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने सख्ती की तो माफिया ने काम समेटते हुए मशीनें हटा लीं। जानकारी के अनुसार सिद्धू अपने चैनल के द्वारा कथित तौर पर राज्य में चल रही अवैध खनन के खिलाफ बड़ा खुलासा करने जा रहे थे। इस खुलासे में पंजाब सरकार की होने वाली किरकिरी से बचने के लिए मुख्यमंत्री ने अवैध खनन को बंद करवाने की हिदायत दी।
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इलाके में अवैध खनन पूरी तरह हुआ बंद
इलाके में माफिया को राजनेताओं की शह का सबूत उस समय पर मिला जब माफिया ने हलके नाके लगा कर गुंडा टैक्स वसूलना शुरू कर दिया। इसका डेराबस्सी क्षेत्र में पड़ते क्रशर मालिकों ने विरोध करते हुए राज्य स्तरीय संघर्ष किया परंतु मुख्यमंत्री सहित किसी भी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी। अंत में क्रशर मालिकों ने ही हार मान ली। क्रशर मालिकों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सिद्धू द्वारा चैनल पर अवैध खनन का खुलासा करने के बाद शनिवार रात से हलके में चल रहा खुलेआम अवैध खनन पूरी तरह बंद हो गया है।

गुंडा टैक्स वसूलने वालों पर घुड़की का असर नहीं
क्रशर मालिकों ने कहा कि अभी भी गुंडा टैक्स वालों के नाके जारी हैं। वे हरियाणा से पूरी रॉयल्टी का भुगतान व जीएसटी देकर कच्चे माल लाते हैं पर इस पर भी सवा रुपये फुट के हिसाब (प्रति टिप्पर एक हजार रुपए) के हिसाब से गुंडा टैक्स वसूल रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि गुंडा टैक्स वसूलने वाले माफिया की पहुंच कहां तक है।
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गुंडा टैक्स वसूलने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। यदि इस संबंधी कोई शिकायत मिलेगी तो वह मामले की जांच कर बनती कार्रवाई करेंगे।
- कुलदीप बावा, एसडीएम डेराबस्सी
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