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पलायन : चंडीगढ़ और पंजाब छोड़ जा रहे प्रवासियों की कोई नहीं ले रहा सुध

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डेराबस्सी में किराए पर रहने वाले मजदूरों को पुलिसकर्मी खाना बांटते हुए। - फोटो : MOHALI
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डेराबस्सी। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन किया गया है। वहीं सब-डिवीजन में से गुजर रहे चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर पलायन कर रहे मजदूरों से सड़कें भरी हुई हैं। ये रोजगार छिन जाने के कारण तंग आकर पैदल, रेहड़ियों, साइकिलों पर अपने घरों को निकल पड़े हैं।
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इनमें से ज्यादातर प्रवासी अपने परिवारों के साथ हैं जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब सरकार व जिला मोहाली प्रशासन इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। डेराबस्सी से गुजर रही बड़ी संख्या लोगों ने मांग करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को उनको घर पहुंचाने व रास्ते में उनके रुकने व खाने-पीने के लिए पर्याप्त प्रबंध करने चाहिए।
जानकारी के मुताबिक रोजगार न होने के कारण इन लोगों को अपने परिवार पालना कठिन हो गया है। इस कारण उन्होंने अब मजबूरीवश अपने घरों की ओर रुख कर दिया है। इतना लंबा सफर वे कैसे पूरा करेंगे, यह उन्हें नहीं पता। वे रास्ते में मांगकर खाने-पीने का इंतजाम कर रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को आ रही है जिनके साथ महिलाएं व छोटे बच्चे भी हैं।
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इस बारे में सतिंदर सिंह, थाना प्रभारी डेराबस्सी ने कहा कि नाकों पर तैनात पुलिस कर्मियों को पैदल जा रहे लोगों को तंग न करने को कहा है। वहीं उनके खाने-पीने का प्रबंध करने के अलावा उन्हें घर पहुंचाने के लिए वाहनों के प्रबंध भी किए जा रहे हैं।
काम छिनने के बाद राशन खत्म होने पर घरों को निकले लोग
अमर उजाला की टीम ने इन लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि ज्यादातर दिहाड़ी, रिक्शा चलाना, सफाई करना आदि काम करके गुजारा करते थे। उनके पास राशन समाप्त हो गया है और दूसरा वह इस मुसीबत की घड़ी में अपने परिवारों के पास जाना चाहते हैं। जीरकपुर व डेराबस्सी में समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से इनें लंगर खिलाया जा रहा है पर इनकी गिनती ज्यादा होने के कारण लंगर भी कम पड़ रहा है।
मजदूर बोले- कर्फ्यू लगने से पहले जाने का समय देती सरकार
जीरकपुर व डेराबस्सी में कुछ समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से परिवारों के साथ जा रही कुछ परिवारों को यहां कुछ दिन रुकने की भी गुजारिश की पर उन्होंने गांव में छोटे बच्चों और माता-पिता के अकेले होने की बात कहकर जाना जरूरी समझा। उन्होंने रोष प्रगट करते कहा कि सरकार की ओर से कर्फ्यू लगाने से पहले न सूचना दी और न ही निकलने का समय।
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