एक साल से एक मजदूर का 19 हजार व दूसरे मजदूर के 30 हजार रुपये फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। प्रवासी मजदूरों को मनी ट्रांसफर करने वालों ने ठगी का शिकार बनाया है। हालांकि पीड़ितों को मनी ट्रांसफर की तरफ से पैसा ट्रांजेक्शन किए जाने की रसीद तो दी गई है लेकिन पैसे उनके खाते में नहीं गए। प्रवासी मजदूर मेहनत मजदूरी से कमाए पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवाने के लिए मनी ट्रांसफर ऑफिस पहुंचे थे। जहां ठगी का शिकार होना पड़ा है। एक साल से अपने पैसे लेने के लिए पीड़ित मजदूर मनी ट्रांसफर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बिना लारों के कुछ हाथ नहीं लग रहा। थक हारकर पीड़ित मजदूरों ने थाने तक पहुंच की है लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई।
अजीजपुर में रहने वाले प्रवासी मजदूर रमेश पाल ने बताया कि वह मनी ट्रांसफर ऑफिस में गया था। तीन बार अलग-अलग अमाउंट अपने खाते में ट्रांजेक्शन के लिए दी थी। कुल 19 हजार रुपये दिए लेकिन पैसे खाते में नहीं पहुंचे। करीब एक साल से वह पैसे वापस लेने के लिए धक्के खा रहा है। हालांकि मनी ट्रांसफर की तरफ से बाकायदा रसीद भी दी गई थी लेकिन उसके पैसे खाते में नहीं पहुंचे।
मानसिंह ने आरोप लगाते कहा के उसकी पत्नी नेहा मनी ट्रांसफर से 30 हजार रुपये खाते में डलवाए थे। लेकिन उसके पैसे खाते में नहीं पहुंचे। अपने पैसे लेने के लिए पत्नी के साथ कई चक्कर काट चुका है लेकिन उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। प्रशासन से मांग करते मानसिंह ने कहा के उसे उसके मेहनत मजदूरी के पैसे वापस दिलाए जाए।
कोट्स
मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। जिस समय की ट्रांजेक्शन की रसीद है मैं ऑफिस छोड़कर मोहाली शिफ्ट हो गई थी। अगर वह कहीं शिकायत करते हैं तो वह देने के लिए तैयार हूं।
नेहा, मनी ट्रांसफर