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वीआईपी सिटी में पारा 40 पार, सिविल अस्पताल की ओपीडी में भीड़ 500 पार

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मोहाली। वीआईपी सिटी में सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में चिपचिपाती गर्मी और तेज उमस के कारण उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द से लोग परेशान हैं। सिविल अस्पताल की सामान्य दिनों में करीब 300 के आसपास रहने वाली ओपीडी भीषण गर्मी में 500 से पार हो चुकी है। इनमें प्रतिदिन 80 से अधिक बीमार बच्चे भी शामिल रहते हैं, जो मौसमी बीमारियों से प्रभावित हैं। सोमवार को ही भीषण गर्मी के चलते सेहत बिगड़ने पर 10 मरीजों को एमरजेंसी में लाया गया, जहां उनका उपचार हो रहा है।
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कोरोना की रफ्तार में कमी आने के बाद सिविल अस्पताल में इन दिनों गर्मी से परेशान मरीज ज्यादा संख्या में पहुंच रहे हैं। जिससे अस्पताल की ओपीडी 500 से पार हो चुकी है। सोमवार को सोमवार को सिविल अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ के पास भी बड़ी तादात में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आए थे। रोजाना 80 से ज्यादा बच्चे गर्मी के कारण सेहत बिगड़ने पर उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाए जा रहे हैं। यहां आए अधिकांश मरीज भीषण गर्मी के कारण पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार जैसी समस्याओं से ग्रस्त थे। गर्मी और उमस के बीच पर्ची का इंतजार करती महिलाएं फर्श पर ही बैठी दिखीं। वहीं अस्पताल में कोरोना के मामले कम होने के बाद अन्य बीमारियों के इलाज के लिए लोगों की भीड़ बढ़ रही है। लॉकडाउन खुलने के बाद अस्पताल में अब कोरोना संक्रमितों की जगह भीषण गर्मी से प्रभावित मरीजों की ज्यादा संख्या देखने को मिल रही है। सोमवार को इमरजेंसी में 10 ऐसे मरीज भर्ती थे जिन्हें तेज गर्मी के चलते पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद यहां उपचार के लिए लाया गया था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अस्पताल की ओपीडी खुलने पर रोजाना 500 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में तैनात डॉ. जश्न ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से पेट दर्द के मरीजों में इजाफा हुआ है। पेट दर्द के साथ के साथ उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वहीं रोजाना 5 से 6 मरीज गर्मी के कारण सेहत ज्यादा बिगड़ने पर इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं।
इस तरह करें गर्मी और धूप से बचाव
सिविल अस्पताल के डॉ. जश्न ने गर्मी से बचाव का तरीका बताते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खुल गया है तो बाहर के चीजों का सेवन न करें। छोटे बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अधिकांश समय छांव में ही रहें। तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ लें। धूप में निकलते समय चेहरा व सिर ढक कर निकलें। शराब व नशीले पदार्थों या दिमाग पर असर डालने वाली दवाओं का सेवन भूलकर भी न करें। हर दिन धूप में काम करने की 1-2 घंटे कोशिश करें जिससे शरीर में गर्मी को सहने की आदत बनी रहे। काम करते समय हल्के सूती कपड़े कपड़े पहने, काले या गहरे रंग के कपड़े ज्यादा न पहनें। सब्जियों को 2-3 बार धोकर उपयोग में लाना चाहिए। इस मौसम में उबला भोजन एवं पानी फायदेमंद है। वायरल का शिकार होने पर एक दिन में आराम नहीं मिलता, तो सीधे अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए।
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अब इमरजेंसी वार्ड के बाहर होगी कोरोना जांच
फेज- 6 सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर भगत ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। लिहाजा कोरोना टेस्ट करवाने के लिए आने वालों के लिए इमरजेंसी वार्ड के बाहर शेड डाले जा रहे हैं, ताकि कोरोना जांच के लिए आने वाले अन्य मरीजों से अलग रहें। ओपीडी बिल्डिंग के बाहर लगे शेड में जनरल ओपीडी के मरीजों की पर्चियां बनाई जाएंगी। ऐसे में बिल्डिंग के अंदर की भीड़ बाहर शिफ्ट हो जाएगी। लोगों को भी आराम मिलेगा और वो पेड़ों की छांव में बैठ सकेंगे।
अब तीन कोरोना संक्रमित ही ऑक्सीजन की मदद पर
सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में सोमवार तक संक्रमण के गंभीर लक्षणों के चलते सात मरीजों का इलाज किया जा रहा था। हालांकि अब स्थिति में सुधार आया है और अब सिर्फ 3 कोरोना संक्रमित ही ऑक्सीजन पर हैं। यह जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ. भगत ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दर अब दो फिसदी से भी नीचे चली गई है। उन्होंने बताया कि संभावित तीसरी लहर से मुकाबले के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अस्पताल की पार्किंग में अस्थाई कमरे बनाए जा रहे हैं। जिसके साथ बाथरूम भी जुड़ा होगा। इसको बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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