फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने गेट के सामने धरना दिया, नारेबाजी की

विज्ञापन
विज्ञापन
लांडरां/बनूड़। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एमबीबीएस इंटर्नशिप (प्रैक्टिस) के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ गेट के बाहर धरना दिया तथा जोरदार नारेबाजी की।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन उन्हें अल्प वेतन देकर उनका शोषण कर रहा है। इंटर्न छात्रों को 15,000 रुपए का भुगतान करने को कहा गया है। जबकि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी और नेशनल मेडिकल काउंसिल के निर्देशानुसार न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपए निर्धारित है।
प्रदर्शनकारी कपिल, अरविल, गौरव, मनकीरत, रीतिस, पीयूष, दीक्षा, जैशमीन, साची, गुरलीन, सौरव, आरिस, संदीप सहित सैकड़ों अन्य छात्रों ने बताया कि वे ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस इंटर्नशिप कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि उन्होंने ज्ञान सागर अस्पताल में चार साल तक पढ़ाई के लिए लाखों रुपए खर्च किए। अब उसी अस्पताल में एक साल तक उनकी आंतरिक सर्जरी की प्रैक्टिस चलेगी। इस दौरान प्रबंधन द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है।
विज्ञापन

छात्रों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन उनसे प्रतिदिन 14 घंटे काम करवा रहा है। इसके बदले उन्हें 5,000 रुपए यानी 170 रुपए प्रतिदिन वेतन दिया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट व नेशनल मेडिकल काउंसिल ने एमबीबीएस इंटर्नशिप छात्रों को 15,000 रुपए प्रति माह देने की घोषणा की गई है। जबकि राज्य सरकार ने मेडिकल छात्रों को न्यूनतम 13,700 रुपए प्रतिमाह देना अनिवार्य कर दिया है।
छात्रों ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से इस मुद्दे पर प्रशासन से बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके विरोध में आज उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। छात्रों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि जब तक उन्हें बाबा फरीद यूनिवर्सिटी और एनएमसी के निर्देशानुसार वेतन नहीं दिया जाता, तब तक वे धरना नहीं हटाएंगे। छात्रों ने अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों ने कहा कि वे दिन-रात विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
जब प्रशासकों को छात्रों के विरोध के बारे में पता चला, तो उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से धरने पर बैठे छात्रों को नोटिस जारी किए और अनुपस्थिति दर्ज करने तथा चरित्र प्रमाण पत्र और डिग्री जारी न करने की धमकी भी दी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध प्रदर्शन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी ज्ञानसागर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को ऐसे ही विवादों के चलते बंद किया जा चुका है। जिसके बाद लंबे संघर्ष के बाद यह अस्पताल दोबारा खुला है और अब यह नए विवादों में घिरता जा रहा है। जब इस मामले में मैनेजर पूजा साहनी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-मोटे मामले होते रहते हैं और फोन काट दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें