मोहाली। नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू का कार्यकाल 11 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले वीरवार 9 अप्रैल को बुलाई हाउस की मीटिंग ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। खास बात यह है कि महज दो हफ्ते पहले 24 मार्च को ही हाउस की मीटिंग आयोजित की गई थी। इसके बाद इतनी जल्द दूसरी बैठक बुलाना कई सवाल खड़े कर रहा है। इस बैठक के एजेंडे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है। जानकारी के अनुसार, मीटिंग में केवल दो मुख्य प्रस्ताव रखे गए हैं। शहर में पानी की बर्बादी पर जुर्माना लगाने और एक अधिकारी की बदली को मंजूरी देना।
विपक्षी पार्षद इसे मेयर की औपचारिकता पूरी करने वाली बैठक करार दे रहे हैं। आरोप लगा रहे हैं कि कार्यकाल के अंतिम दिनों में बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। वहीं, दो दिन बाद निगम की पूरी कमान कमिश्नर के हाथों में चली जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह बदल जाएगा। शहर में लंबे समय से कूड़े के ढेर और सफाई व्यवस्था को लेकर जनता में नाराजगी बनी है। ऐसे में मेयर पर यह आरोप लग रहा है कि वे अपने पूरे कार्यकाल में इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने में असफल रहे। अब आखिरी हाउस मीटिंग में भी सफाई और अधूरे विकास कार्यों का मुद्दा जोर-शोर से उठने की संभावना है। सेक्टर-78 और 79 के पार्षद हरजीत भोलू समेत कई पार्षद इस बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर करने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्षदों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ। इससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।