जीरकपुर। स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ऑनलाइन पोर्टल पर नक्शा पास करवाने में 3 से 4 महीने लग रहे हैं, जबकि इस काम के लिए 21 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
बिल्डिंग ब्रान्च में होने वाले कार्यों को लेकर पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए निकाय विभाग ने 2018 में आनलाइन पोर्टल शुरू किया था। अब यह पोर्टल लोगों के लिए सुविधा की बजाय दुविधा बना हुआ है।
जटिल प्रक्रियाओं के चलते बढ़ी मुश्किलें
ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने का उद्देश्य यह था कि लोगों को मकान और दुकान का नक्शा पास करवाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। 2018 में राज्य के तत्कालीन निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने यह पोर्टल शुरू किया था। अभी तक लोगों को इस पोर्टल का लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से आवेदन करने के लिए कई जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसके चलते काफी समय बर्बाद होता है और नक्शा पास होने में देरी हो जाती है।
सात दिन का मिलता है समय
ऑनलाइन पोर्टल पर पांच अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इस कारण फाइल को क्लीयर होने में कई महीने का समय लगता था। लोगों की परेशानियों के मद्देनजर पोर्टल में कुछ बदलाव किया गया और ‘ऑटो जंप’ सुविधा दी गई। इसके तहत पोर्टल से जुडे़ प्रत्येक अधिकारी को सात दिन में फाइल को सहमति और असहमति देनी होती है। तय समय अवधि में सहमति और असहमति न देने पर फाइल अपने आप दूसरे अधिकारी हो हस्तांतरित हो जाएगा। दो बार ऐसा होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया जाता है।
आनलाइन पोर्टल में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, जिस कारण फाइल क्लीयर होने में समय लग जाता है। लोगों की परेशानियों को देखते हुए इस संबंधी उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। जल्द व्यवस्था सुधार दी जाएगी। -संदीप तिवारी, ईओ, जीरकपुर नगर परिषद।