मोहाली। शहर के कई सरकारी विभाग नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। इस सूची में जिला पुलिस से लेकर गमाडा तक कई नामी संस्थानों के नाम शामिल हैं। इससे नगर निगम के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ता दिख रहा है। हालांकि नगर निगम की ओर से सभी विभाग को बनता टैक्स जमा करवाने के लिए पत्र लिखा है। अगर उक्त विभागों द्वारा तय समय में प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया जाता है तो इस संबंधी सरकार को लिखा जाएगा। साथ ही कानूनी राय लेकर इस संबंधी उचित कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि शहर के विकास को रोक कर ऐसे संस्थानों से समझौता नहीं किया जा सकता है।
जानकारी के मुुताबिक जिला पुलिस की ओर से अभी तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स एक बार भी जमा नहीं करवाया गया है। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक जुर्माने सहित प्रॉपर्टी टैक्स की रकम एक करोड़ पांच लाख रुपये तक पहुंच गई है। इलाके में पुलिस के कई थाने, एसएसपी ऑफिस और पुलिस लाइन से जुड़ा इलाका है। किसी भी थाने या चौकी का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाया गया है। करीब दो साल पहले जब निगम ने इस संबंधी पुलिस से पत्राचार शुरू किया था, उस समय पुलिस का जवाब था कि उसके बजट में इस संबंधी प्रावधान है, लेकिन आगे से इस संबंधी व्यवस्था की जाएगी। उस समय गमाडा की तरफ से सभी प्रॉपर्टी की पैमाइश तक करवाई गई थी। इसके बाद कोरोना ने दस्तक दे थी। इतना ही नहीं डीसी ऑफिस का करीब 15 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। जबकि गमाडा की शहर में विभिन्न संपत्तियां हैं। इनमें स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, शोरूम, बूथ, सामुदायिक केंद्र, विभिन्न मैदान तक शामिल हैं। इन सबका कुल मिलाकर 6 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। गमाडा के अधीन आने वाले स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर एमसी का 50 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। मोहाली में तीन स्पोर्ट्स कांप्लेक्स गमाडा के अधीन हैं और कई व्यावसायिक संपत्तियां, जैसे गमाडा के शोरूमों का करोड़ों रुपये का संपत्ति कर बकाया है। मोहाली में गमाडा भवन पर भी संपत्ति कर बकाया है, जबकि पुडा भवन नियमित रूप से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान कर रहा है।
वहीं, सेक्टर 69 स्थित आबकारी विभाग की इमारत पर 7.8 लाख रुपये, सेक्टर 68 में वन परिसर का 15 लाख रुपये, पीएचएस भवन सहित सिविल सर्जन कार्यालय का 15 लाख रुपये से 20 लाख रुपये बकाया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम को आमदन का सबसे बड़ा स्रोत प्रॉपर्टी टैक्स है। लेकिन 50 से अधिक ऐसे सरकारी भवन हैं, जिन्होंने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। सभी बकाएदारों को पंजाब नगर निगम के अधिनियम 1976 की धारा 138 (सी) के तहत नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर की 52 हजार प्रॉपर्टी का है निगम के पास रिकॉर्ड
जानकारी के मुुताबिक मोहाली नगर निगम के अधीन अभी तक 52,678 प्रॉपर्टीज आती हैं। इनका पूरा रिकॉर्ड निगम के पास है। इनमें से 41,082 रिहायशी और 4,929 कॉमर्शियल हैं। वहीं, 1 683 इंडस्ट्रियल और 4,984 खाली प्लॉट हैं। इनमें से 24,406 प्रॉपर्टी से नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूलता है। निगम को सबसे ज्यादा प्रापर्टी टैक्स इंडस्ट्रियल एरिया से आता है। इसके बाद कॉमर्शियल एरिया शामिल है। हालांकि सरकारी विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में कई तरह की दिक्कत आती है।