अमेरिका के शिकागो में भारतीय युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मामला 18 सितंबर रात करीब 11 बजे का है। जीरकपुर स्थित गांव छत्त निवासी बलजीत सिंह उर्फ प्रिंस (28) दुकान बंद करने के लिए शटर नीचे कर रहा था, तभी दो-तीन अश्वेतों ने उस पर अचानक हमला कर दिया और दुकान से डॉलर लूटकर ले जाने लगे। इस दौरान प्रिंस शटर बंद करने के लिए उठने लगा तो लुटेरों को लगा कि प्रिंस अलार्म बजाने जा रहा है और उन्होंने प्रिंस को गोली मार दी, जो उसके लीवर के पास लगी और वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा।
किसी तरह प्रिंस ने घायल अवस्था में अपने स्टोर मालिक अवतार सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद अवतार सिंह वहां पहुंचा और उसे घायल हालत में पास के अस्पताल में ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रिंस की मौत के बाद उसके पूरे गांव और परिवार में मातम छाया हुआ है, उसके घर पर गांव के लोगों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। वह करीब डेढ़ साल पहले एजेंट के जरिए मेक्सिको से होते हुए अमेरिका पहुंचा था। इसके लिए उसने एजेंट्स को 25 लाख रुपये दिए थे।
एजेंट के माध्यम से अमेरिका जाने पर उसे सरकार को अलग से 15 लाख रुपये का बांड भरना पड़ा। उसके परिवार में उसके अलावा उसके दादा-दादी, मां-बाप व दो बहनें हैं। प्रिंस घर का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन चरणजीत कौर जर्मनी में स्टडी बेस पर गई थी और अब उसे वहां की पीआर मिली है। छोटी बहन कमलजीत कौर बीए फाइनल इयर की स्टूडेंट है और वह यहीं गांव में ही रहती है। मृतक प्रिंस के मामा अमरजीत सिंह ने भारतीय सरकार से मांग की है कि वह बलजीत का शव अमेरिका से लाने में मदद करे। इसके लिए वह पटियाला की सांसद महारानी परनीत कौर से भी मुलाकात करेंगे। अभी प्रिंस का शव पुलिस कस्टडी में है।
पिता ने 40 लाख रुपये कर्ज लेकर बेटे को विदेश नौकरी के लिए भेजा था
बलजीत उर्फ प्रिंस के चाचा सुखबीर सिंह ने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए उसके पिता इंद्रजीत सिंह ने 40 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज के पैसे पिता के सिर से उतारने के लिए वह चार-पांच माह से पैसे भेज रहा था। प्रिंस की छोटी बहन कमलजीत कौर ने बताया कि अब तक उसके भाई ने चार-पांच लाख रुपये घर भेजे हैं और वह वहां दुकान पर अच्छे से काम करता था ताकि वह कर्ज के पैसे उतार सके।