मोहाली। लापरवाही से कैंटर चलाने पर किसी व्यक्ति की मौत के मामले में आरोपी की सुनवाई जिला अदालत में हुई। अदालत ने सबूतों की कमी के चलते आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर यह फैसला सुनाया है। सभी गवाहों ने स्पष्ट कहा है कि आरोपी दुर्घटना का जिम्मेदार नहीं है। इसके बाद, अभियोजन पक्ष ने एक गवाह से पूछताछ की जिसने मृतक की पहचान की है। उसने जिरह के दौरान यह भी स्वीकार किया है कि उसने घटना नहीं देखी है। इन गवाहों के अलावा अन्य सभी गवाह या तो जांच के गवाह हैं या चिकित्सा साक्ष्य और औपचारिक हैं। इनमें से किसी भी गवाह के बारे में यह नहीं कहा जा सकता कि वह आरोपी को कथित घटना से जोड़ सकते हैं। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है। इसलिए आरोपी को उक्त धाराओं में बरी किया जाता है। उपरोक्त आरोपी को एसएचओ, पीएस सोहाना ने केस दर्ज किया था।
बता दें कि 18 दिसंबर 2017 को आईओ को कंट्रोल रूम मोहाली से एक संदेश मिला कि टंगौरी गांव के पास एक दुर्घटना हुई थी जिसमें मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की माैत हो गई है। आईओ इकबाल सिंह एएसआई संजय कुमार के साथ माैके पर पहुंचे रास्ते में उन्हें सूचना मिली कि घायल को सिविल अस्पताल फेज-6 ले गए हैं। वहां पहुंचने पर उन्होंने पाया कि घायल अमनदीप धीमान की माैत हो चुकी थी। वहां शिकायतकर्ता और मृतक का भाई गगनदीप सिंह परिवार के साथ मौजूद थे। उन्होंने बयान दर्ज करवाया कि उसका भाई इलेक्टि्रशियन था और चाचा के घर गया था। वहां से आते हुए उसके भाई की मोटरसाइकिल को गांव टंगौरी के पास एक कैंटर चालक ने टक्कर मार दी थी। इससे उसकी मौत हो गई थी। इस पर पुलिस ने कैंटर चालक पर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।