मोहाली। सेक्टर-79 निवासी भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी मेजर अर्शदीप सिंह गिल को उनकी असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। द आर्मर्ड कोर और 1 असम राइफल्स से संबद्ध मेजर गिल ने मणिपुर में 84 घंटे तक चले एक बेहद चुनौतीपूर्ण अभियान में अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकवादियों के खिलाफ सफल कार्रवाई की और मिशन को अंजाम तक पहुंचाया।
सम्मान मिलने के बाद मेजर गिल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरी टीम की है। उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान की सफलता के पीछे जवानों की मेहनत, साहस और आपसी भरोसा सबसे बड़ी ताकत होती है। मणिपुर में चलाया गया अभियान बेहद कठिन था, जहां हर पल नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने धैर्य, साहस और पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए मिशन को सफल बनाया।
युवाओं के लिए संदेश देते हुए मेजर गिल ने कहा कि अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। अगर युवा अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें और देशहित को सर्वोपरि रखें, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है और आगे भी वह पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।