मोहाली। अब शहर की मार्केट में पार्किंग बड़ी समस्या बन चुकी है। मोहाली की सड़कों पर प्रति वर्ष औसतन दस हजार से ज्यादा वाहन आते हैं, लेकिन पार्किंग वैसी की वैसी ही है। ऐसी स्थिति में आम आदमी को बाजारों में पार्किंग की जगह तक नहीं मिलती। नतीजा यह है कि लोग अपनी गाड़ियों की पार्किंग मार्केट के सामने बने घरों के सामने कर देते हैं और सड़क पर भी गाड़ियां पार्क कर देते हैं। इसकी एक वजह और भी है कि वाहन पार्क करने के लिए यहां कई पार्किंग में व्हाइट लाइन नहीं है। जिसकी वजह से लोग बेतरतीब से गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। मोहाली फेज-1, मोहाली फेज-5, फेज-10, 11 के साथ ही बेस्टटेक मॉल में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई वर्षों से पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने के लिए सफेद लाइनें न बनाए जाने के कारण काफी समस्या आ रही है। हालांकि कई मार्केटों की पार्किंग में लाइन जरूर लगी हैं, लेकिन वाहन चालक मर्जी से यहां-वहां गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। आम लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी शहर के बाजारों की पार्किंग की व्यवस्था की ओर ध्यान दें तो शायद बाजारों में पार्किंग के हालत सुधर सकते हैं।
शहर के कुछ बाजारों में तो पार्किंगों में सफेद लाइन न होने के कारण लोग मर्जी से दोपहिया और कारों को जहां जगह मिलती है, वहीं पार्क कर देते हैं। इससे बाजारों की पार्किंग में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। शाम को तो हालात यह हो जाते हैं कि लोगों को बाजारों में पैदल चलने की जगह ही नहीं मिलती। सबसे ज्यादा समस्या फेज 3बी2 के बाजार की है।
यह बाजार शहर का मुख्य बाजार बन चुका है। हर समय यहां पर भीड़ दिखाई देती है। इस बाजार की पार्किंग में सफेद लाइन होने के बावजूद दोपहिया वाहनों की जगह पर कारें पार्क हो रही हैं और कारों वाली जगह पर स्कूटर-बाइक पार्क किए जा रहे हैं। अपनी मनमर्जी से लोग वाहन पार्क कर रहे हैं, जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
यही हाल फेज-7, फेज-5, फेज-10 और फेज-11 के अलावा सेक्टर-70 के बाजार और शहर के अन्य फेज के बाजारों में है। फेज-1 के बाजार में पार्किंग की जगह कम होने के कारण लोग सड़क किनारे वाहनों को पार्क कर देते हैं। यहां पार्किंग व्यवस्था बढ़ाए जाने की दरकार है। मोहाली की रहने वाली राजविंदर कौर का कहना है कि पार्किंग की व्यवस्था ठीक करवाई जानी चाहिए। मोहाली की रहने वाली चांदनी सिंह का कहना है कि डिपार्टमेंट को इस व्यवस्था को ठीक करना चाहिए।