मोहाली। आयुष्मान आरोग्य केंद्र में शौचालय तो हैं लेकिन शौचालयों में ताले ही लटकते रहते हैं। इस केंद्र में आने वाले मरीजों को न शौचालय की बेहतर सुविधा मिल रही है और न ही स्वच्छ परिसर। कंबाली के निवासी सुखविंदर सिंह ने बताया कि फेज- 11 में प्रशासन की ओर से आयुष्मान आरोग्य केंद्र बनाए गया है। केंद्र में न तो समय से सफाई की जाती है और न ही सफाई के दौरान निकलने वाला कूड़ा उठाया जाता है। इसके साथ ही केंद्र में जो महिला और पुरुष मरीजों की सुविधा के लिए शौचालय बनाए गए हैं। उन शौचालय में अक्सर ताले ही लटकते रहते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र में जगतुरा, कंबाली, कंबाला, कंडाला और फेज- 11 से मरीज इलाज कराने आते हैं। मरीजों को केंद्र में स्वच्छ माहौल की सुविधा नहीं मिल पाती है। अगर मरीजों को शौच क्रिया करनी हो तो केंद्र के बाहर खाली स्थानों का सहारा लेते हैं। इसके साथ ही केंद्र कचरा फेंकने के लिए जो डस्टबिन रखे गए थे वह टूट गए हैं और डस्टबिनों को परिसर में इधर उधर फेंक दिया गया है। प्रशासन की ओर से केंद्र में नए डस्टबिन भी नहीं लगवाए गए हैं।
केंद्र में डस्टबिन न होने की वजह से लोग कचरा इधर-उधर फेंकते हैं। लोगों का यह भी कहना है कि केंद्र में गंदगी की वजह से मरीजों, तीमारदारों को बीमार होने का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति में प्रशासन को केंद्र में साफ- सफाई से लेकर मरीजों को होने वाली समस्या का समाधान करना चाहिए।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र में मौके की जांच कराकर वहां जो भी समस्याएं आ रही हैं उनको ठीक करा दिया जाएगा। -अमरजीत सिहं सिद्धू, मेयर नगर निगम मोहाली।