मोहाली अदालत ने नर्स नसीब कौर (23) की हत्या, सबूत मिटाने के लिए उसके शव को तालाब के पास फेंकने के जुर्म में बर्खास्त एएसआई रशपाल सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। रशपाल को अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
13 नवंबर 2022 को सोहाना गांव में एक तालाब के पास 23 वर्षीय नसीब नाम की लड़की का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सोहाना में एक तालाब के किनारे नर्स की लाश मिलने के 11 दिन बाद पुलिस ने बर्खास्त एएसआई रशपाल सिंह को सेक्टर-67 से गिरफ्तार किया था।
शादी का दबाव बना रही थी
पूछताछ के दौरान रशपाल ने कबूल किया कि वह नसीब के साथ शराब पी रहा था, लेकिन नसीब ने ज्यादा शराब पी ली थी। वह बेहोश हो गई और उसने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। उसे गांव के तालाब के किनारे छोड़कर वह भाग गया। वे लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। नसीब उस पर शादी का दबाव बना रही थी। पुलिस ने नसीब के मोबाइल फोन से सीसीटीवी फुटेज और दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट से बर्खास्त एएसआई की पहचान की थी।
डकैती के मामले में किया था नौकरी से बर्खास्त
पुलिस ने अदालत को बताया कि एएसआई के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज होने के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। लूटपाट के प्रयास में एएसआई ने एक व्यक्ति के सिर पर पिस्तौल की बट से वार किया था। इसके अलावा पंचकूला में गैंगस्टरों के साथ पुलिस मुठभेड़ में रशपाल के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे हेड कांस्टेबल से एएसआई के पद पर पदोन्नत किया गया था, लेकिन उसके बाद उसने डकैती की एक वारदात को अंजाम दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि नसीब की गला घोंटकर हत्या की गई थी और उसकी गर्दन की हड्डी भी तोड़ दी गई थी। बाद में उसे सोहाना के एक तालाब के पास फेंक दिया गया। नसीब (23) पंचकूला के एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत थी। हत्या से 15 दिन पहले वह अबोहर से मोहाली आई थी और सोहाना में किराए के मकान में रह रही थी।