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Mohali News: अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा के तीनों हत्यारों को उम्रकैद

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मोहाली। पंजाब के युवा अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डूखेड़ा की चार साल पहले हुई हत्या मामले में तीन दोषियों अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल लठ को आईपीसी की धारा 302 में उम्रकैद (मरते दम तक) की सजा सुनाई गई। साथ ही दोषियों को आर्म्स एक्ट में 7-7 साल कैद व धारा 452 में एक-एक साल कैद की सजा सुनाई गई है। तीनों आरोपियों पर दो-दो लाख जुर्माना लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज बलजिंदर सिंह सरा की अदालत में हुई। अदालत में लंबी बहस के बाद यह सजा सुनाई गई।
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मृतक विक्की मिड्डूखेड़ा का केस लड़ रहे वकील एचएस धनोआ ने कहा कि मोहाली कोर्ट ने शुक्रवार को तीनों अजय उर्फ सन्नी उर्फ लेफ्टी, सज्जन उर्फ भोलू और अनिल लठ को दोषी करार दिया था। उन्हें उम्रकैद की सजा सोमवार को सुनाई गई है। तीनों गैंगस्टर और शार्प शूटर हैं। अदालत ने गैंगस्टर भूप्पी राणा, अमित डागर और कौशल चौधरी को बरी किया है, जिसके लिए वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। मृतक विक्की के भाई अजय मिड्डूखेड़ा ने पांच साल बाद आए फैसले पर कहा कि जिन तीन शूटरों को अदालत ने बरी किया है, उन्हें सजा दिलाने के लिए आखिरी दम तक लडूंगा। उन्होंने कहा कि जब तक जान में जान है, वह लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह इंसाफ का अभी पहला कदम है।

अदालत में विक्की मिड्डूखेडा के वकील धनोआ ने तर्क रखे कि यह हत्या अमूमन नहीं थी, बल्कि क्रूरता के साथ हत्या की गई थी। हमलावरों ने विक्की को उस समय गोलियां मारीं, जब वह निहत्था था। उस पर 15 राउंड फायरिंग की गई, जिनमें 13 गोलियां उसके शरीर से आर-पार हुई थीं, इसलिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाए।
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बंबीहा गैंग ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी
विक्की की हत्या 4 साल पहले 7 अगस्त 2021 को उस समय हुई थी, जब वह सेक्टर-70 में अपने प्रापर्टी डीलर दोस्त के पास गया था। वह ऑफिस से बाहर निकला और कार की ओर बढ़ा तो तीन नकाबपोश वहां पहुंचे। जिन्होंने उस पर फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार 7 अगस्त 2021 को सेक्टर-70 में हुए विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के अगले दिन बंबीहा गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली थी।
जेल में रची गई साजिश

पुलिस की शुरुआती जांच में बंबीहा गैंग चला रहे लक्की पटियाल का नाम सामने आया था कि लक्की के कहने पर ही विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या करवाई गई है। पुलिस की कई हफ्तों की जांच के बाद अमित डागर व कौशल चौधरी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर जब पूछताछ की गई तो सामने आया कि गैंगस्टर कौशल चौधरी ने अमित डागर के साथ मिलकर दिल्ली की एक जेल में बैठकर विक्की मिड्डूखेेड़ा की हत्या की साजिश रची। इस काम के लिए कार व शूटरों का प्रबंध करके विक्की मिड्डूखेडा की हत्या के लिए उन्हें मोहाली भेजा।
मूसेवाला के मैनेजर पर लगे थे गंभीर आरोप

शूटर गुरुग्राम के टेकचंद के पास आई-20 कार लेकर मोहाली पहुंचे थे। जेल में बंद गैंगस्टर भुप्पी राणा ने विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या करने वाले शूटरों को सही सलामत पंजाब से हरियाणा के रास्ते आगे सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी। इस हत्या में जब कई माह बाद तीन शूटर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े तो सामने आया कि उन शूटरों को गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने खरड़ के एक फ्लैट में ठहराने का इंतजाम किया था और उसने ही तीनों शूटरों के साथ चौथे शूटर को मिलवाया था। शगनप्रीत सिंह पर आरोप है कि उसने ही शूटरों को विक्की मिड्डूखेड़ के घर व आने जाने के समय की जानकारी दी थी। उन्होंने खुद भी विक्की की रेकी की थी।
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