मोहाली। एलआईसी लुधियाना की यूनिट-2 में करीब 1.35 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने चार आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा और जुर्माना लगाया, जबकि दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह फैसला सीबीआई बनाम गगनदीप नारंग व अन्य मामले में सुनाया गया। सीबीआई कोर्ट मोहाली के विशेष न्यायाधीश ने एलआईसी धोखाधड़ी मामले में गगनदीप नारंग (तत्कालीन सहायक, एलआईसी यूनिट-2 लुधियाना), सुरेश कुमार लोहान (सीनियर ब्रांच मैनेजर), चांदी राम और राजपाल सिंह को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया। वहीं सह-आरोपी बूटा राम नारंग और कमला देवी को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने गगनदीप नारंग को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए अलग-अलग अवधि की कैद और जुर्माना लगाया। वहीं सुरेश कुमार लोहान को आईपीसी की धारा 120-बी के तहत एक साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। चांदी राम और राजपाल सिंह को छह-छह महीने की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। सीबीआई के अनुसार जुलाई 1997 से अगस्त 2006 के बीच आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर एलआईसी लुधियाना यूनिट-2 में फर्जी चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए करीब 1.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एलआईसी के नियमों की अनदेखी करते हुए बैंक खातों से अवैध निकासी की। इस घोटाले का खुलासा एलआईसी के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक की शिकायत के बाद हुआ था। जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए, जिनके आधार पर साजिश और धोखाधड़ी साबित हुई।