खरड़। तहसील खरड़ के गांव पीर सोहाना तथा सिंबलमाजरा और रुड़की पुता के खेतों में तेंदुआ घूमते हुए देखे जाने की खबर मिली थी। इसको लेकर जंगली जीव सुरक्षा विभाग मोहाली की टीम की ओर से तीसरे दिन भी जांच की गई।
जंगली जीव सुरक्षा विभाग मोहाली के एरिया इंचार्ज परमिंदर सिंह, ब्लॉक अफसर सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि हरिंदर हिना और दलजीत कौर दोनों वन गार्ड के अलावा कर्मजीत सिंह बेलदार के नेतृत्व वाली टीम को तेंदुए के बारे में सूचना मिली थी। बुधवार को तीसरी बार खेतों में जांच की गई। जानवर के पैरों के निशान लेकर छतबीड़ चिड़ियाघर भेजे गए हैं। जिससे पता लगे कि यह तेंदुए के पैर हैं या नहीं।
उन्होंने बताया कि गांव सिंबलमाजरा में पहले ही खेतों में जानवर के पैरों के निशान लिए जा चुके हैं। बुधवार को दोबारा जानकारी मिली थी कि गांव रुड़की पुता और पीर सोहाना के खेतों में सुबह काम करने वाले किसानों ने तेंदुए को घूमते हुए देखा है। किसानों ने बताया कि तेंदुआ चरी की फसल में घुस गया है। सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि खरड़ तहसील के गांव महमूदपुर में पिछले दिनों जानवर को काबू करने के लिए जो पिंजरा लगाया गया था, उसे आज दूसरी जगह लगाया गया है। क्योंकि इस गांव के निवासियों की ओर से दोबारा तेंदुए के संबंध में जानकारी दी गई थी।
जंगली जीव सुरक्षा विभाग मोहाली की टीम की ओर से गांवों के निवासियों को साथ लेकर गांव रुड़की पुता और गांव सिंबलमाजरा में ट्रैक्टरों पर चढ़ कर शामलात जमीन में तेंदुए की जांच की गई। जंगली जीव सुरक्षा विभाग की टीम ने गांवों के लोगों को सचेत रहने की अपील की। कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें।