मोहाली। फेज-नौ को जहां पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम के नाम से पूरी दुनिया में पहचान मिलती है। वहीं, यह इलाका भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा चुका है। यहीं इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम है और पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स भी इस क्षेत्र में है।
भले ही इलाके में काफी विकास हुआ है, लेकिन अभी कुछ ऐसे मामले हैं, जिनसे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इनमें लावारिस कुत्ते और पशुओं की समस्या प्रमुख है। इसके अलावा एन चो से उठने वाली बदबू से कोठियों में रहने वालों को परेशानी आती है। चंडीगढ़ से सटा होने के चलते जहां इस क्षेत्र में कुछ फायदे हैं तो नुकसान भी हैं। अपराधी वारदातों को अंजाम देकर सीधे चंडीगढ़ की तरफ निकल जाते हैं। यहां सरकारी सेहत सुविधाओं का भी अभाव है। लोगों का कहना है समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
लावारिस कुत्ते बने मुसीबत, घरों से निकलना मुश्किल
फेज-नौ निवासी मनोज वर्मा ने बताया कि इलाके में लावारिस कुत्तों की समस्या काफी गंभीर है। रिहायशी इलाके से लेकर मार्केट जाने वाले लोग इनकी वजह से परेशानी उठा रहे हैं। कई बार इस मामले को नगर निगम के अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी समस्या से निजात दिलाने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है। लावारिस कुत्तों और पशुओं के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
जंगली जानवर भी मचा रहे उत्पात
फेज-नौ निवासी नवप्रीत चौहान ने बताया कि लावारिस कुत्तों और पशुओं के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। बाजारों में पशुओं और कुत्तों के झुंड खड़े रहते हैं, जो गाड़ियों के पीछे भागते हैं। कई बार तो पशु अचानक गाड़ियों के आगे आ जाते हैं, जिसकी वजह से हादसे होने का डर बना रहता है। इतना ही नहीं अब जंगली जानवर भी फेज-नौ में एन चो के साथ लगते पार्कों आदि में पहुंचने लगे हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
डिस्पेंसरी में सुविधाओं की कमी
फेज-नौ निवासी कमलजीत सिंह के मुताबिक इलाके में सेहत सुविधाओं का बुरा हाल है। डिस्पेंसरी में सुविधाओं का अभाव है। यहां दवाइयां तक नहीं मिलती हैं। इस कारण कोरोना काल में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। इलाके की डिस्पेंसरी को अपग्रेड करने की जरूरत है, क्योंकि छोटी से छोटी बीमारी के इलाज के लिए मजबूरी में लोगों को फेज-छह अस्पताल में जाना पड़ता है। यह अस्पताल इलाके से काफी दूर है।
सीवरेज ब्लॉक होने से परेशानी
फेज-नौ निवासी राकेश का कहना है कि यह इलाका चंडीगढ़ के बिल्कुल साथ में बसा हुआ है। इस वजह से भी लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। चंडीगढ़ में बने मकानों में काफी संख्या में युवा रहते हैं, जोकि रात को हुड़दंग मचाते रहते हैं। इस वजह से इलाके में अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में चंडीगढ़ और मोहाली की सीमा को बांटते क्षेत्र में बाउंड्री वॉल बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा सीवरेज जाम होने की वजह से भी परेशानी होती है।
लेजर वैली को सुधारने की जरूरत
फेज-नौ निवासी अमनदीप सिंह मुंडी ने बताया कि फेज-नौ में लेजर वैली है, लेकिन पार्क की नगर निगम की ओर से उचित तरीके से देखभाल नहीं की जा रही है। इस कारण लोग परेशान हो रहे हैं। हालांकि कई समाजसेवी संस्थाएं पार्क को संवारने में जुटी रहती हैं। पार्क में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की ओर ध्यान दिए जाने की जरूरत है, ताकि सभी इन सुविधाओं को लाभ ले सकें।
बाजार में कूड़ेदान लगाए जाने चाहिए
हरजिंदर कौर का कहना है कि फेज-नौ के मार्केट क्षेत्र में जब स्वच्छता सर्वेक्षण होता है, तो बड़े कूडे़दान लगाए जाते हैं। लेकिन अधिकतर कूड़ेदानों की हालत खराब है। इसके अलावा पीसीए स्टेडियम से लेकर फोर्टिस तक सड़क पर लगीं स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। पुलिस को भी गश्त बढ़ाने की जरूरत है, ताकि रात के समय होने वाली वारदातों पर रोक लगाई जा सके।