जीरकपुर। जीरकपुर-कालका-शिमला हाईवे से 18 दिसंबर को वकील हर्षित जिंदल को अगवा करने वाले चार व्यक्तियों में से दो को पुलिस ने पकड़ लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएचओ गुरवंत सिंह ने कहा कि पैसों के लेनदेन को लेकर वकील को अगवा किया गया था और इस केस को दो घंटे में सुलझा लिया गया है।
एसएचओ गुरवंत सिंह ने बताया कि बुधवार को पंचकूला के सेक्टर-20 के रहने वाले वकील हर्षित जिंदल सोही मैरिज पैलेस के पास स्थित अपने दफ्तर को बंद करके घर जाने के लिए पार्किंग में खड़ी कार की तरफ जाने लगे तो सफेद वर्ना कार में सवार चार लोग उन्हें अगवा कर पटियाला की तरफ फरार हो गए। वकील के पिता विजय जिंदल ने पुलिस को शिकायत देते हुए आशंका जताई कि शायद पैसों के लेनदेन को लेकर बेटे को अगवा किया गया है। सूचना के बाद मौके पर डीएसपी गुरबख्शीश सिंह, एसएचओ गुरवंत सिंह और बलटाना चौकी इंचार्ज सहायक इंस्पेक्टर भिंदर सिंह पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मौके पर कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस की टीमों ने अगवाकर्ताओं का पीछा करना शुरू कर दिया और आरोपियों की जानकारी सभी थानों के साथ सांझा की। पुलिस कार्रवाई से घबराकर अगवाकर्ता की कार पटियाला क्रास करने के बाद भादसों के पास हादसाग्रस्त हो गई। इस पर वे वकील को वहीं छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और वकील हर्षित को उसके घरवालों को सौंप दिया।
कार नंबर को आधार बनाकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एसएचओ गुरवंत सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से मिली सीसीटीवी रिकार्डिंग को आधार बनाकर जांच शुरू की। इसके बाद अगवाकर्ता की हादसाग्रस्त हुई होंडा सिटी गाड़ी के नंबर से पहचान की गई। जांच में सामने आया कि अगवाकर्ताओं ने कार पर जाली नंबर (सीएच-01-जे-3339) लगा रखा था जबकि गाड़ी का असल नंबर सीएच-03-जे-5133 था। कार नंबर से पुलिस मालिक के पास पहुंची तो उन्होंने अपनी गाड़ी इंद्रवीर सिंह निवासी पटियाला को दो महीने पहले ही बेचने की बात कही। इस पर पुलिस ने इंद्रवीर सिंह को काबू कर उससे पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल लिया। उसकी मदद से उसके एक अन्य साथी गुरसेवक सिंह निवासी कांजला संगरूर को भी पकड़ा है, जो वारदात के समय उसके साथ था। एसएचओ ने यह भी कहा कि कि इंद्रवीर सिंह का पुराना आपराधिक रिकार्ड भी है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
हर्षित ने बताई थी अपनी लोकेशन.. पर इस बार भी पुलिस ले रही क्रेडिट
वकील हर्षित जिंदल की मां वीना जिंदल ने बताया कि उनके बेटे का फोन आया था कि अगवा करने वालों की कार भादसों के पास हादसाग्रस्त हो गई हैं और वे उसे वहां छोड़कर फरार हो गए हैं। वहीं पुलिस उनकी बात की जगह अपनी एक अलग ही कहानी सुना रही है।