कारगिल शहीद की मां ने लंबे संघर्ष के बाद हासिल की पेंशन, दो साल भी नहीं ले पाई
एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल के प्रयास से पेंशन की राह हुई थी आसान, 82 वर्षीय जागीर कौर की 3 जुलाई को हो गई थी मौत
क्रासर
बताया-शहीद निर्मल सिंह की पत्नी शादी के बाद कभी नहीं रही सुसराल
शहीद को मिलने वाले फायदे को लेकर कर ली दूसरी शादी
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। देश की रक्षा में जान न्योछावर करने वाले कारगिल शहीद निर्मल सिंह की 82 साल की बुजुर्ग मां जागीर कौर को लंबे संघर्ष के बाद 2020 में उनकी फैमिली पेंशन मिली थी लेकिन वह दो साल भी पेंशन नहीं ले पाईं। तबीयत खराब होने के कारण तीन जुलाई को उनका देहांत हो गया। एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल के प्रधान सेवानिवृत्त कर्नल एसएस सोही ने बताया कि बुजुर्ग महिला के पोते ने उनको जानकारी दी कि कुछ दिनों से उनकी बुजुर्ग दादी बीमार चल रह थीं। इसके बाद उनका देहांत हो गया है।
एसएस सोही ने बताया कि यह मामला 30 अगस्त 2020 को उनके पास पहुंचा था। बुजुर्ग जागीर कौर के पति की भी मौत हो चुकी है और उनकी इस हालत के बारे में उन्हें एक वीडियो के जरिए जानकारी मिली थी। इससे उनको पता चला था कि 80 साल की बुजुर्ग आजीविका के लिए मजदूरी कर रही है। हालांकि बुजुर्ग के बेटे शहीद निर्मल सिंह के परिवार को सेना और पंजाब सरकार की ओर से बनती सहायता दी गई थी लेकिन ये सबकुछ शहीद की विधवा पत्नी अपने साथ ले गई। उन्होंने बताया कि शहीद निर्मल सिंह की पत्नी शादी के बाद कभी भी अपनी सुसराल में नहीं रही जबकि निर्मल सिंह पत्नी को वापस घर लाने के लिए कई बार पंचायत लेकर अपनी ससुराल भी गया था, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं मानी। पत्नी को वापस लाने के लिए निर्मल सिंह ने केस भी दायर किया था। इसके बाद आठ जून 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान निर्मल सिंह शहीद हो गया। निर्मल की शहीदी के बाद उनकी पत्नी परमजीत कौर एक शहीद को मिलने वाले फायदे लेकर अपने साथ ले गई और उसने दूसरी शादी भी कर ली। शहीद की मां को कुछ नहीं मिला, जबकि वह भी इसकी हकदार थी।
इसके बाद बुजुर्ग महिला को इंसाफ दिलवाने के लिए सेवानिवृत्त कर्नल एसएस सोही ने धूरी और मानसा की अदालतों में जाकर सभी सुबूत जुटाए। इसके बाद उन्होंने सरकारी औपचारिकताएं पूरी कीं और बुजुर्ग महिला को उसका हक दिलवाने के लिए दस साल तक संघर्ष किया तब जाकर वह बुजुर्ग जागीर कौर को 8815 रुपये प्रति महीना पेंशन दिलवाने में कामयाब हुए थे। इसके बाद वह सिर्फ दो साल तक ही पेंशन ले पाईं और अब उनका निधन हो गया है।