जीरकपुर। नगर परिषद और पुलिस स्टेशन दोनों ऐसे सरकारी कार्यालय हैं, जहां दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। यह दोनों कार्यालय ऐसी जगह पर स्थित हैं, जहां तक लोगों का पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। चंडीगढ़-अंबाला मुख्य मार्ग पर स्थित कोहिनूर ढाबे से करीब एक किलोमीटर दूरी पर पुलिस थाना व नगर परिषद कार्यालय स्थित हैं। यहां आने वाली 18 से 20 फुट चौड़ी सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इसकी वजह सड़क के दोनों तरफ लोगों की ओर से गलत तरीके से खड़े किए वाहन हैं।
इन वाहनों की वजह से लोगों को रोज दो से तीन घंटे जाम में परेशान होना पड़ता है। इस मार्ग पर फोटोस्टेट, नोटरी व रजिस्ट्री लिखने के लिए वेंडर बैठे हैं, जो लोग उनके पास आते हैं वे अपने वाहन इधर-उधर खड़े करके चले जाते हैं, जो बाद में जाम की स्थिति पैदा करते हैं। इस मार्ग पर केवल नगर परिषद और पुलिस थाना ही नहीं है, बल्कि श्मशानघाट व गोशाला भी नगर परिषद के आमने-सामने हैं, जिस कारण इस मार्ग पर अधिक भीड़ रहती है।
जब्त वाहनों ने घेर रखी है ज्यादा जगह
बेशक जीरकपुर के लिए नया थाना लगभग बनकर तैयार हो गया है, लेकिन यह नया थाना भी पुराने थाने के साथ बनकर तैयार हुआ है। पुलिस थाने में जगह कम होने की वजह से जब्त और हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को फुटपाथ के दोनों ओर खड़ा किया हुआ है। एक तो पहले ही सड़क की चौड़ाई कम है, वहीं पुलिस ने आधी से ज्यादा जगह जब्त वाहनों को खड़ा करने के लिए घेर रखी है। ऐसे में जाम लगना स्वाभाविक है।
नगर परिषद में प्रवेश-निकास का एक ही रास्ता
नगर परिषद में प्रवेश करने और वाहन निकलने के लिए दो गेट बनाए गए हैं, परंतु एक गेट को पूर्ण तौर पर बंद करके रखा गया है। नगर परिषद कार्यालय आए चंदन मदान, हरजीत सिंह, सर्बजीत कौर और पूनम शर्मा ने कहा कि जब आने-जाने के लिए दो गेट हैं तो एक को बंद रखने का तुक नहीं बनता है। उन्होंने अधिकारियों से दोनों गेट खोलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोनों गेट खुलने से एक गेट से लोग अंदर आएंगे और दूसरे से बाहर निकलेंगे, जिससे जाम लगने से बचा जा सकेगा।
श्मशानघाट, गोशाला व नगर परिषद में खड़े हो रहे वाहन
इस मार्ग पर स्थिति यह है कि न तो यहां लोगों की भीड़ को कम किया जा सकता है और न ही अब मुख्य कार्यालयों को बदला जा सकता है। यहां आने वाले लोग पार्किंग न होने के कारण नगर परिषद में वाहन खड़े कर देते हैं। जब पार्किंग फुल हो जाती है तो लोग श्मशानघाट, गोशाला और सड़कों पर वाहन पार्क खड़े करके चले जाते हैं। लोगों ने यहां पार्किंग का उचित प्रबंध करने की मांग की है।