मोहाली। पंजाब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को बड़ा झटका दिया है। रेरा ने न्यू चंडीगढ़ की ईको सिटी-2 योजना में प्लॉट का कब्जा देने में देरी के लिए गमाडा पर 11,02,295 रुपये का ब्याज लगाया है। यह आदेश आवंटी दीपक रोहेला की शिकायत पर सुनवाई के बाद 28 अक्तूबर 2026 को सुनाया गया। प्राधिकरण ने 68,35,500 रुपये की जमा राशि पर ब्याज की गणना की है। यह ब्याज 10.80 फीसदी सालाना की दर से तय किया गया है।
ब्याज की गणना 30 जून 2020 से 27 दिसंबर 2021 तक की अवधि के लिए की गई है। गमाडा को 90 दिन के भीतर ब्याज का भुगतान करके रेरा में अनुपालन रिपोर्ट जमा करानी होगी। रेरा सदस्य विनोद कुमार सिंह ने यह फैसला सुनाया। दीपक रोहेला ने 6 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। दीपक रोहेला ने ईको सिटी-2 में 300 वर्ग गज के आवासीय प्लॉट के लिए आवेदन किया था। 2015 में हुए ड्रॉ में उनका चयन हुआ था। 27 अगस्त 2015 को उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया। इसमें विकास कार्यों के लिए लगभग 36 महीने की अवधि का उल्लेख था। गमाडा ने 30 जून 2020 को प्लॉट नंबर 3267 का आवंटन पत्र जारी किया। आवंटी को लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के बाद निर्धारित अवधि में प्लॉट का कब्जा नहीं मिला।
गमाडा का जवाब और रेरा का रुख
गमाडा ने अपने जवाब में कोविड-19 और विकास कार्यों में देरी का हवाला दिया। प्राधिकरण ने माना कि लेटर ऑफ इंटेंट जारी होने के समय प्लॉट नंबर नहीं दिया गया था। वास्तविक आवंटन पत्र जून 2020 में जारी हुआ था। इसलिए ब्याज की गणना आवंटन पत्र जारी होने की तारीख से की गई। रेरा ने स्पष्ट किया कि ब्याज की गणना वास्तविक कब्जा या डिमार्केशन की तारीख 27 दिसंबर 2021 तक की जाएगी। आदेश का पालन न करने पर रेरा अधिनियम की धारा 63 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।