ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को ब्याज सहित राशि लौटाने के दिए निर्देश
मोहाली। मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने एक सड़क हादसे में दाहिना हाथ गंवाने वाले जोगिंदर सिंह को मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित 17 लाख 49 हजार 630 रुपये का भुगतान करने को कहा है। जोगिंदर सिंह हरियाणा के अंबाला के निवासी हैं।
नवंबर 2024 में जोगिंदर अपने बेटे के साथ बाइक पर शादी से लौट रहे थे। हैंडेसरा गांव के पास एक तेज रफ्तार टिप्पर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में उनका दाहिना हाथ टिप्पर के पहिए के नीचे आ गया। गंभीर चोट के कारण डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा। इस घटना के बाद वह अपने वेल्डिंग के काम पर वापस नहीं लौट सके। 26 नवंबर 2024 को हैंडेसरा थाने में इस संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। अंबाला के सिविल सर्जन के मेडिकल बोर्ड ने 8 अप्रैल 2026 को जोगिंदर को 60 प्रतिशत स्थायी विकलांग माना। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत मुआवजे का दावा किया था। उनकी याचिका 3 जनवरी 2025 को एमएसीटी में दायर हुई थी।
बीमा कंपनी का विरोध और ट्रिब्यूनल का फैसला
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने मुआवजे के दावे का विरोध किया। कंपनी ने फर्जी क्लेम, प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने में देरी और जोगिंदर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न होने का आरोप लगाया। हालांकि, ट्रिब्यूनल ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। ट्रिब्यूनल ने हादसे की परिस्थितियों और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर मुआवजे का दावा तय किया।
आय का आकलन और ब्याज दर
जोगिंदर ने अपनी मासिक आय 20 हजार रुपये बताई थी, लेकिन दस्तावेज पेश नहीं कर सके। ट्रिब्यूनल ने पंजाब सरकार की न्यूनतम मजदूरी के आधार पर उनकी मासिक आय 10,996 रुपये मानी। इसी आधार पर भविष्य की आय के नुकसान का आकलन किया गया। जोगिंदर ने 18 प्रतिशत सालाना ब्याज की मांग की थी, जबकि बीमा कंपनी ने छह प्रतिशत की दलील दी। ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज तय किया।