संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। चेक बाउंस के एक मामले की जिला मोहाली अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी बलजोत सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई है। आरोपी को मामले में दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं दोषी को यह राशि का भुगतान करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है और अगर उसने तय समय पर राशि का भुगतान नहीं किया तो उसकी दो महीने की सजा बढ़ जाएगी। आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-123 न्यू चंडीगढ़ एनक्लेव के रहने वाले रमनप्रीत सिंह ने अदालत में याचिका दायर की थी।
रमनप्रीत सिंह ने शिकायत में कहा था कि दोषी बलजोत सिंह उसका दोस्त था जिसे वह 10 साल से जानता था। आरोपी बलजोत सिंह ने शिकायतकर्ता से 26 दिसंबर 2018 को 12 लाख रुपये मित्रवत ऋण इस शर्त पर लिया था कि वह दो साल के भीतर ब्याज सहित राशि वापस कर देगा। इसके बाद दोषी ने फिर से जुलाई 2019 के महीने में शिकायतकर्ता से 1.90 लाख रुपये की राशि ली। दोषी ने ऋण राशि के कुछ हिस्से के पुनर्भुगतान के रूप में 1.70 लाख रुपये की राशि और 3.30 लाख रुपये की अन्य राशि का भुगतान नकद किया और शेष भुगतान 11.50 लाख रुपये रह गया। दोषी ने बाकी राशि का चेक दिया, लेकिन जब इसे शिकायतकर्ता ने बैंकर के पास पेश किया तो इसे अस्वीकृत कर दिया गया। बैंकर ने बताया कि इस चेक के भुगतान पर रोक लगाई हुई है और इस टिप्पणी के साथ चेक वापस कर दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 13 जनवरी 2021 को अपने वकील के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस जारी किया, जिसे विधिवत तामील किया गया, लेकिन दोषी ने इसका जवाब नहीं दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस न्यायालय में धारा 138 एनआई अधिनियम के तहत याचिका दायर कर दी। यह मामला मोहाली अदालत में विचाराधीन था, जिस पर अदालत ने सुनवाई की।