चंडीगढ़ के वीवीआईपी क्षेत्र सेक्टर-4 में रसूखदारों ने सौंदर्यीकरण के नाम पर पार्क को गोल्फ कोर्स में बदल डाला। प्रशासन और नगर निगम की नाक के नीचे यह कारनामा हो गया और किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब मामला सामने आने पर इलाका पार्षद ने जांच की मांग की है। नगर निगम आयुक्त का भी कहना है कि मामले की जांच कराएंगे।
पार्क सेक्टर-4 स्थित पानी की टंकी के पास स्थित है। यहां शाम को कई लोग गोल्फ की प्रैक्टिस करते नजर आते हैं। नगर निगम के नियमों के मुताबिक, किसी भी सार्वजनिक पार्क में किसी भी खेल गतिविधि की अनुमति नहीं है। अमर उजाला की टीम ने रविवार को मौके पर जाकर देखा तो पाया कि पार्क काफी बड़ा है और इसे प्रोफेशनल ढंग से बाकायदा गोल्फ कोर्स की तर्ज पर विकसित किया गया है। पार्क के अंदर गोल्फ ग्रीन्स बनाई गई है, जिस पर प्रोफेशनल गोल्फर्स खेलते हैं। गोल्फ की भाषा में दो बंकर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा पार्क में पार-थ्री होल, फेयरवे और टी-ऑफ भी बनाया गया है।
यह भी पढ़ें: जालंधर में आग से उजड़ा परिवार: क्या सात माह पहले खरीदा डबल डोर फ्रिज बना काल! दावे में कितना सच
12 कर्मचारी करते हैं रखरखाव
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो महीने से पार्क को गोल्फ प्रैक्टिस एरिया के रूप में विकसित करने का कार्य तेजी से चल रहा था। 12 से अधिक निजी कर्मचारी इस गोल्फ कोर्स के रखरखाव के लिए रखे गए हैं। कई शिकायतें ऐसी भी हैं कि अगर कोई इस गोल्फ कोर्स की तरफ जाता है तो उसे भगा दिया जाता है। साथ ही गोल्फ प्रैक्टिस एरिया से दूर एक हट (झोपड़ी) बनाई गई है, जहां रसूखदार लोग बैठते हैं। इसके अलावा पार्क में दूर-दूर तक कोई झोपड़ी या कुर्सी नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसा इसलिए है ताकि पार्क पूरी तरह से गोल्फ प्रैक्टिस एरिया की तरह ही इस्तेमाल हो सके। सूत्रों के अनुसार, रोजाना शाम को कई लोग गोल्फ भी खेलते हैं।
लोगों ने कहा-लाखों रुपये खर्च किए
पार्क को गोल्फ कोर्स के रूप में बदले जाने से कई स्थानीय लोगों को आपत्ति है। उनका कहना है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर पार्क पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। किसी भी सार्वजनिक पार्क में कोई खेल की गतिविधि को जायज कैसे ठहराया जा सकता है। यह बात स्पष्ट है कि जिस भी व्यक्ति ने लाखों रुपये खर्च कर पार्क को गोल्फ प्रैक्टिस एरिया बनाया है, वो काफी रसूखदार होगा, जिसने सरकारी पार्क को अपना निजी पार्क समझ कर लाखों रुपये खर्च किए। बड़ा सवाल यह भी है कि ऐसा कैसे हो सकता है कि एक से दो साल से पार्क को गोल्फ प्रैक्टिस एरिया के रूप में बदला जा रहा था लेकिन नगर निगम के बागवानी और अन्य विभागों के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पार्षद बोले-निगम को जांच करानी चाहिए
भाजपा के महेशइंदर सिंह सिद्धू इस इलाके के पार्षद हैं। उनका कहना है कि पार्क के रखरखाव के लिए नगर निगम का आरडब्ल्यूए के साथ समझौता हुआ है। आरडब्ल्यूए ही पार्क को देखती है। मेरे पास पार्क में अतिक्रमण को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा कुछ है तो नगर निगम को मामले की जांच करानी चाहिए।
मामले की कराएंगे जांच
सार्वजनिक पार्क को गोल्फ कोर्स में तब्दील कर गोल्फ खेलने की इजाजत किसी को नहीं है। नगर निगम द्वारा सोमवार सुबह ही इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कुछ गलत मिला तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम