चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में अब आयकर विभाग पत्रकार संजीव महाजन समेत अन्य आरोपियों की संपत्ति और बैंक खातों की जांच करेगा। आरोपियों के पास से करोड़ों की संपत्ति और कई बैंक खातों के मिलने पर यह फैसला लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस केस की जांच को आगे बढ़ाने के लिए आयकर विभाग को चिट्ठी लिखी गई है।
माना जा रहा है कि विभाग जल्द ही अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। पुलिस के मुताबिक, संजीव महाजन के पास से तकरीबन नौ करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। इनमें से कैंबवाला में प्लॉट, अटावा में कांप्लेक्स, डड्डूमाजरा में मकान, सेक्टर-38 वेस्ट में मकान, मोहाली में फैक्टरी के अलावा अन्य संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, कई बैंक खातों से कई बार बड़ी रकम का लेनदेन भी किया गया है। साथ ही संजीव महाजन की सालाना कमाई तकरीबन सात लाख रुपये के आसपास मिली है। सूत्रों ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति मिलने पर पुलिस ने केस को आयकर विभाग को सौंपने की तैयारी की है।
उधर, संजीव महाजन की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने उसका मोबाइल जब्त किया था। शक था कि व्हॉट्सएप चैटिंग से काफी सबूत जुटाए जा सकते हैं। मोबाइल को साइबर एक्सपर्ट को सौंपा गया था। डाटा में आरोपियों से बातचीत के अलावा कई पुलिसकर्मी संपर्क में रहे हैं। ऐसे में इन पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है।
शराब कारोबारी सिंगला की जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
पुलिस मामले में अब तक संजीव महाजन, तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी रामगोपाल का भाई सतपाल डागर और कोठी खरीददार सौरव के भाई मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है जबकि शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, खलिंदर सिंह कादियान, सौरव गुप्ता, अशोक अरोड़ा शेखर और दलजीत सिंह फरार चल रहे हैं। साथ ही पुलिस नकली राहुल मेहता की भी तलाश में है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही शराब कारोबारी अरविंद सिंगला की गिरफ्तारी हो सकती है।
सौरव की याचिका पर आज फैसला
कोठी खरीदने वाले आरोपी सौरव गुप्ता ने 16 मार्च को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में सौरव ने कहा था कि वह आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित है। उसे कोठी विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर उसे विवाद के बारे में पता होता तो वह कोठी पर अपने तीन करोड़ रुपये निवेश नहीं करता। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे इंसाफ दिलाने के बजाय उल्टा उसके खिलाफ ही केस दर्ज किया गया। मामले में पुलिस को नोटिस किया गया था। याचिका पर मंगलवार को फैसला होगा। पुलिस अपना जवाब फाइल करेगी।