जीरकपुर। तहसील कांप्लेक्स में वीरवार को आयकर विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई जांच रात नाै बजे तक चली। सघन कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा रहा। विभागीय अधिकारियों ने तहसील कार्यालय की अलमारियां खुलवाकर पांच वर्षों की रजिस्ट्रियों और रिकॉर्ड की गहनता से जांच की। बीते पांच वर्षों के दौरान जिन-जिन अधिकारियों ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों की तस्दीक की थी, उन्हें शाम तक जीरकपुर बुलाकर पूछताछ की गई। इसके अलावा इस अवधि में जिन अधिकारियों के तबादले होकर अन्य स्थानों पर तैनाती हो चुकी है, उन्हें भी आयकर विभाग द्वारा तलब किया गया है। कार्रवाई के चलते तहसील परिसर में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इससे रजिस्ट्रियां तस्दीक कराने आए लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्रवाई की भनक लगते ही रजिस्ट्रियों के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले कथित एजेंट मौके से फरार हो गए और फोन के माध्यम से जानकारी जुटाने में लगे रहे।
उप-तहसील से जुड़े सूत्रों के अनुसार जीरकपुर को ट्राइसिटी का बड़ा प्रॉपर्टी हब माना जाता है। मोहाली के बाद यह ऐसा क्षेत्र है जहां प्रॉपर्टी में भारी निवेश होता है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रजिस्ट्रियां होती हैं। इसी कारण पांच वर्षों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त से जुड़ी रजिस्ट्रियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर की शिकायतें आयकर विभाग को मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की। आयकर विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर एवं आईआरएस अधिकारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में टीम वीरवार सुबह जीरकपुर तहसील कार्यालय पहुंची। टीम ने नायब तहसीलदार लवप्रीत सिंह के कार्यालय से कार्रवाई शुरू की। तहसील के विभिन्न कमरों में रखी अल्मारियों से एक-एक फाइल निकलवाकर रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान तहसील स्टाफ को बाहर बैठाया गया और अधिकारियों को एक के बाद एक फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इस दाैरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया। देर शाम तक आयकर विभाग की टीम रजिस्ट्रियों से संबंधित अहम रिकॉर्ड अपने साथ जांच के लिए ले गई। दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद आने वाले दिनों में आगे की कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
जीरकपुर में हर साल आयकर विभाग रूटिन चेकिंग करता है। वीरवार को भी आयकर विभाग ने रूटिन चेकिंग के दाैरान पैनकार्ड का रजिस्ट्रियों के साथ रिकार्ड मिलाने का काम किया। इस कार्रवाई में समय सीमा तय नहीं होती है। - लवप्रीत सिंह, नायब तहसीलदार, जीरकपुर
फोटो कैप्शन : जीरकपुर तहसील कार्यालय में जांच एवं छानबीन करती हुई आयकर विभाग की टीम