जीरकपुर। दिवाली पर शहर में जमकर पटाखे चले। लोगों ने डिप्टी कमिश्नर के आदेशों को अनदेखा किया। पटाखे चलाने का समय रात आठ से दस बजे तक निर्धारित था, जबकि लोगों ने रात के दो बजे तक पटाखे फोड़े। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि रात के समय पुलिस की गश्त नजर नहीं आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहर में दिवाली का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कोई भी हुल्लड़बाजी या अन्य लड़ाई झगड़े की घटना की शिकायत नहीं मिली है।
अग्निशमन विभाग के सीनियर फायर अफसर राजीव कुमार के अनुसार तीन जगह आग लगने की छिटपुट घटनाओं के अलावा दिवाली का त्योहार शांतिपूर्ण रहा। आग लगने की पहली घटना लोहगढ़ पार्क के पास हुई जहां पर फूस में आग लगी थी। घटना की कुछ दूरी पर ही एक फायर टेंडर पहले से खड़ा था। तुरंत आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने की दूसरी घटना बलटाना के सैनी विहार फेज-1 में हुई। ढकोली से एक फायर टेंडर तुरंत मौके पर पहुंच गया था। तीसरी घटना गांव पभात में हुई थी। वहां बिजली के मीटर बॉक्स में आग लग गई थी। फायर टेंडर के पहुंचने से पहले ही लोगों ने उसको बुझा लिया था।
हर गली मोहल्ले से आती रही पटाखों की आवाज
सोमवार को दिवाली के मौके पर हर आयु वर्ग के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। हर गली मोहल्ले, चौक, चौराहे पर बच्चे बूढ़े जवान और महिलाएं पटाखे चलाते नजर आए। इस बार ऊंची आवाज वाले पटाखों के साथ-साथ आसमान में जाकर फटने वाले शॉटस का ज्यादा क्रेज दिखाई दिया। पिछले वर्षों में जैसे की लोग आतिशबाजी चलाना ज्यादा पसंद करते थे लेकिन इस वर्ष आतिशबाजी की जगह इन शॉट्स ने ले ली है। छोटे-छोटे बच्चे भी फुलझड़ियां चलाते दिखाई दिए। जीरकपुर शहर के ढकोली, पीरमुछल्ला, पभात, लोहगढ़ आदि क्षेत्र में पूरी रात पटाखे चलने की रिपोर्ट सामने आई है। वीआईपी रोड पर भी रात को करीब 1:00 तक पटाखे चलने संबंधी जानकारी मिली है।