मोहाली। कोरोना संक्रमण के शिकार लोगों या परिवारों के खाने की समस्या को दूर करने का बीड़ा उठाया है शहर के नामी रेस्टोरेंट मालिक अमरदीप सिंह रंधावा ने। खास बात यह है कि किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इच्छुक लोगों को पता और मोबाइल नंबर उन्हें व्हाट्सएप करना होगा। इसके बाद उनकी टीम लोगों के घर खाना लेकर पहुंच जाएगी।
फेज-2 स्थित टेस्ट ऑफ अमृतसर के मालिक अमरदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जिस तरह एक बार फिर कोरोना महामारी का कहर बढ़ा हैै। ऐसे में कई लोगों के पूरे परिवार संक्रमित हो रहे हैं। इस मुश्किल समय में कई परिवार दिक्कत में हैं। करीबी भी इस समय पीछे हट रहे हैं। ऐसे में उन्होंने तय किया है कि इन परिवारों को पौष्टिक खाना मुहैया कराएंगे। इस संबंधी उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट और कई ग्रुपों में इस संबंधी जानकारी शेयर की।
9815400155 पर कॉल कर मंगवाएं खाना
रंधावा ने बताया कि लोगों को खाना लेने के लिए मात्र उनके मोबाइल फोन नंबर 9815400155 पर कॉल पर मैसेज करना होगा। लंच के लिए दोपहर 12 बजे से पहले और रात्रि भोजन के लिए शाम छह बजे से पहले कॉल करनी होगी। इसके बाद उनकी टीम खाना लोगों के घर पहुंचा देगी। उन्होंने बताया कि दो दिनों से उन्होंने यह प्रयास किया, जिसे अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उनकी कोशिश यही है कि कोई भूखा न सोना चाहिए।
तीन महीने थाइलैंड में लगा चुके हैं लंगर
अमरदीप सिंह ने बताया कि उनके थाइलैंड में रेस्टोरेंट थे। गत साल जब कोरोना ने दस्तक दी थी तो उस समय वहां कई भारतीय फंस गए थे। लोगों की नौकरियां चली गई थीं। ऐसे में उन्होंने वहां तीन महीने तक लोगों की सेवा में लंगर लगाया था। उनके इस कदम की भारतीय दूतावास ने भी काफी सराहना की थी। मानवता की सेवा के लिए उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया था। हालांकि जब वह वहां पर जाएंगे तो उन्हें यह सम्मान मिलेगा।
कोरोना काल में थाइलैंड में सात रेस्टोरेंट बंद कर मोहाली की थी शुरूआत
रंधावा ने बताया उन्होंने थाइलैंड में 2010 में बिजनेस शुरू किया था। दस साल उन्होंने कड़ी मेहनत कर एक नाम बनाया था। गत साल 18 मार्च को सात दिनों के लिए थाइलैंड से मोहाली स्थित घर आए थे। इसी बीच कोरोना की वजह से 22 मार्च को लॉकडाउन लग गया। इंटरनेशनल फ्लाइट्स बंद हो गईं और वह मोहाली में फंस कर रह गए। काफी दिन तक उन्हें उम्मीद थी कि लॉकडाउन खुल जाएगा फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें थाइलैंड में द हैप्पी सिंह के बैनर तले चलने वाले सात रेस्टोरेंट बंद करने पड़े। फिर जब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई तो भी फ्लाइट्स शुरू नहीं हुईं। ऐसे में उन्होंने मोहाली से ही जीवन को नई शुरूआत रेस्टोरेंट खोलकर कर दी।