प्रिंसिपल पर स्कूल की महिला कर्मी के साथ व्यभिचार का था आरोप
हाईकोर्ट ने नए सिरे से याची को बर्खास्त करने को लेकर निर्णय लेने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। व्यभिचार के आरोपी प्रिंसिपल को बिना विभागीय जांच के बर्खास्त करने के पंजाब सरकार के निर्णय को अवैध करार देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। याची की सेवा को लेकर नए सिरे से निर्णय लेने का आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए हरदेव सिंह ने एडवोकेट मंदीप सिंह धालीवाल के माध्यम से बताया कि वह संगरूर के प्राइमरी विद्यालय में प्रिंसिपल पद पर तैनात था। इस दौरान वहां की एक महिला कर्मचारी के वैवाहिक विवाद के चलते अदालत में तलाक से जुड़ी याचिका दाखिल की गई। इस याचिका में उसे प्रतिवादी तो बनाया गया, लेकिन नोटिस जारी नहीं किया गया। मामले में याची पर व्यभिचार का आरोप लगने के बाद शिक्षा विभाग ने उसकी सेवा को समाप्त करने का निर्णय ले लिया। याची ने कहा कि सेवा समाप्त करने का निर्णय लेते हुए न्याय के सिद्घांत का पालन नहीं किया गया और न ही याची का पक्ष सुना गया। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका का निपटारा करते हुए याची की सेवा समाप्त करने के आदेश को खारिज कर दिया। हालांकि कोर्ट ने सरकार को नए सिरे से कानून के अनुरूप याची की सेवा पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।