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एनजीटी के निर्देशों का पालन ने किया तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

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बनूड़। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को मोहाली और पटियाला के दर्जनों गांवों में जहरीले पानी के प्रवाह को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ से घग्गर नदी और चो से प्रदूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए मामले की पैरवी कर रहीं एडवोकेट सुनैना थमन ने प्रेस कान्फ्रेंस की। उन्हाेंने कहा कि अगर एनजीटी के निर्देशों का पालन करने में कोई देरी हुई तो मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाएंगे।
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उन्होंने बताया कि चो का पानी पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है। इस आधार पर 4 जून 2021 को एनजीटी ने मामले को गंभीरता से लिया। चंडीगढ़ के प्रशासक को स्थलों का निरीक्षण करने और दो महीने में एक रिपोर्ट पेश करने के लिए चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक संयुक्त समिति का गठन किया। समिति द्वारा तैयार की रिपोर्ट में दूषित पानी के बारे में बड़े खुलासे हुए हैं, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सीवरेेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने निर्देश जारी
सुुनैना थमन ने कहा कि एनजीटी ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 3 जनवरी को फिर से निर्देश जारी किए हैं। चंडीगढ़ के गांवों और मोहाली अंब साहिब कॉलोनी, कंबाला, चिल्ला, पापड़ी दैड़ी ,चाचों माजरा, मनौली, नगारी, मोटे माजरा, कलोली, नडियाली, फरीदपुर, जैसे दर्जनों गांवों के सीवरेज का गंदा पानी चो में जाता है। एनजीटी ने उक्त गांवों के पानी को ट्रीट करने और पानी की मात्रा में गुणवत्ता जांच करने के लिए सीवरेेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का निर्देश दिया है। इस मौके पर एडवोकेट निखिल थमन भी मौजूद थे।
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