जीरकपुर। नगर परिषद ने बिशनपुरा में एकत्रित कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए एक करोड़ की लागत से टेंडर अलॉट किया था। फरवरी माह में टेंडर अलॉट करने के बावजूद 22 दिन से कूड़ा हटाने का काम बंद पड़ा है। इस कारण अब एक साल में खत्म होने वाला काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सकेगा। इस दौरान एकत्रित होने वाले कूड़े की वजह से समय ज्यादा लगेगा। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कूड़े को खत्म करने के लिए कम से कम तीन महीने ओर लगेंगे।
बिशनपुरा गांव के डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े का पहाड़ बन गया था। इसे खत्म करना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया था। मजबूर नगर परिषद को लेगेसी वेस्ट को खत्म करने और रोजाना बढ़ रहे कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए यह टेंडर एक निजी कंपनी को दे दिया था। टेंडर के मुताबिक जितना प्लास्टिक व अन्य सामान कूड़े से निकल रहा था, उसे रियूज करने के लिए भेजा जा रहा था। गीले कूड़े से खाद बनानी तय की गई थी। अधिकारियों के अनुसार कूड़े के पहाड़ को एक बार खत्म करने के बाद रोजाना आने वाले कूड़े को साथ की साथ खत्म किया जाएगा और उसे ज्यादा एकत्रित नहीं होने दिया जाएगा।
कूड़े की जानकारी के लिए लगाया कांटा
नगर परिषद द्वारा कूड़े के पहाड़ को एक बार खत्म करने के बाद रोजाना आने वाले 60 से 65 टन कूड़े को अब साथ की साथ निपटाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा डंपिंग ग्राउंड में एक कांटा भी लगाया गया है ताकि पता लग सके कि किस एरिया से कितना कूड़ा आ रहा है। ऐसा करने से रोजाना एकत्रित होने वाले कूड़े का सही अनुमान लगाया जा सकता है। हिसाब रखकर कूड़े को साथ की साथ निपटाया जा सके। बरसात ने नगर परिषद का काम बढ़ा दिया है। लग रहा है कि कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए ज्यादा समय लगाना पड़ेगा।
कोट्स
बारिश में कूड़ा प्रोसेस नही किया जा सकता, इसलिए काम बंद पड़ा है। जैसे ही बारिश खत्म होगी काम दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। बारिश खत्म होने के बाद ही पता चल पाएगा कि काम कितना लेट हुआ है। उसके बाद ही टेंडर बढ़ाने के बारे में सोचा जाएगा। -ईशान कुमार, जेई, नगर परिषद जीरकपुर