कोरोना वायरस के खौफ ने मार्च के महीने में होटल इंडस्ट्री के कारोबार को धराशाही कर दिया है। इस वायरस के कारण वीआईपी सिटी के रेस्टोरेंट्स वीरान पड़े हैं। यही हालात होटल इंडस्ट्री के भी हैं। रॉ मैटीरियल की सप्लाई प्रभावित होने से प्रोडक्शन घट गया है।
उधर, बाजार ग्राहकों के इंतजार में तरस रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के कारण इंडस्ट्री और बाजार को 80 से 90 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मार्च का महीना आधा बीत चुका है। इस महीने में होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री गुलजार रहती थी।
लेकिन कोरोना का खौफ ऐसा है कि यह सेक्टर धराशाही हो चुका है। बात वीआईपी सिटी की करें तो यहां कॉरपोरेट ऑफिस बड़ी तादात में हैं। लिहाजा मार्च के महीने में आडिट के लिए बड़ी संख्या में टीमें यहां पहुंचती थीं। जिससे होटल इंडस्ट्री का कारोबार अच्छा खासा चलता था। कोरोना के खौफ और सरकार की गाइडलाइन के चलते इस बार आडिट टीमें नहीं पहुंची हैं।
अब सभी काम ऑनलाइन हो रहा है। फ्लाइट्स बंद हैं, विदेशी यात्री भी नहीं पहुंच रहे। कांफ्रेस, सेमिनार और वर्कशॉप पर भी रोक लगा दी गई हैं। जिसका सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। वहीं, कोरोना के डर के कारण लोगों ने आउटिंग बंद कर दी है। लिहाजा रेस्टोरेंट्स भी वीरान हैं। इस सेक्टर को कोरोना के कारण 80 से 90 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इंडस्ट्री पर भी असर
इंडस्ट्री पर भी कोरोना का असर दिखना शुरू हो गया है। अधिकांश रॉ मैटीरियल की सप्लाई चीन और यूरोप से होती है। चीन तो पहले से ही बंद है, अब यूरोपीय देशों ने भी अपने बार्डर सील कर दिए हैं। लिहाजा रॉ मैटीरियल की सप्लाई प्रभावित है। रॉ मैटीरियल की कमी से प्रोडक्शन घट रहा है। जिससे इंडस्ट्री को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं बात बाजार की करें तो, बाजार ग्राहकों के इंतजार में तरस रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि चीन के तैयार माल का बड़ा बाजार देश में है। चीन से इस समय हर तरह का व्यापार बंद है। जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है। लोग सिर्फ आम जरूरत की चीजों की खरीदारी के लिए ही बाजार तक आ रहे हैं। अभी आम जरूरत की चीजों को लेकर किल्लत नहीं है। अगर यह सब लंबे समय तक चला तो प्रोडक्शन और सप्लाई घटने से आम जरूरत की चीजें भी प्रभावित हो सकती हैं।
व्यापारियों से जानिए.. व्यापार पर पड़ा क्या असर
ललित गोयल, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट होटल एसोसिएशन मोहाली ने कहा कि मार्च के महीने में कॉरपोरेट, बैंकिंग और इंडस्ट्री सेक्टर में ऑडिट के लिए टीमें आती थीं। जो इस बार नहीं आईं। टूरिज्म पूरी तरह ठप्प है। कारोबार में 90 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अगर कोरोना का असर लंबा चला तो होटल बौर रेस्टोरेंट बंदी की कगार पर आ जाएंगे। जो लीज पर कारोबार कर रहे हैं, उनके लिए स्थिति भयावह है।
वहीं विनीत वर्मा, प्रधान व्यापार मंडल मोहाली ने कहा कि चीन से सप्लाई नहीं होने के कारण माल की दिक्कत आ रही है। दिवाली पर ही व्यापारी 60 प्रतिशत के नुकसान में था। अब कोरोना के रूप में नई मुसीबत व्यापारियों पर आ गई है। आज बाजार का ऑनलाइन मार्केट से कंपीटीशन है, रियायत न मिलने के कारण कंपीटीशन नहीं कर पा रहे। बाजार में ग्राहक ही नहीं है, डर का माहौल है। जब ग्राहक ही नहीं होगा तो व्यापार कैसे होगा।
कोरोना वायरस के व्यापार पर असर के बारे में योगेश सागर, प्रधान मोहाली इंडस्ट्री एसोसिएशन ने कहा कि सर्विस इंडस्ट्री, टूरिज्म और ऑटोमोबाइल सेक्टर की कोरोना ने कमर तोड़ दी है। जनरल इंडस्ट्री पर अभी तक ज्यादा असर नहीं था, लेकिन ज्यादा समय तक अर्थव्यस्था के असर से बच पाना मुमकिन नहीं है। कोरोना का असर शुरू होते ही चीन से रॉ मैटीरियल आना बंद हो गया था। अब यूरोप भी बंद है, जिसका असर अब इंडस्ट्री पर दिखना शुरू हो जाएगा। इंडस्ट्री लंबे समय तक इससे उबर नहीं पाएगी।