खरड़। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों पर एक अप्रैल से प्रस्तावित अढ़ाई गुना प्रवेश शुल्क वृद्धि का हिमाचली जनहित महासभा ने विरोध किया है। महासभा की कार्यकारिणी बैठक में इस निर्णय को न केवल पर्यटकों बल्कि राज्य के प्रवासी नागरिकों के साथ भी अन्यायपूर्ण बताया। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि हिमाचल में सीमित रोजगार के कारण बड़ी संख्या में युवा बाहरी राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। महासभा ने सरकार से मांग की कि इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और अतिथि देवो भव की नीति को अपनाया जाए। बैठक में प्रधान जगदेव पटियाल, उपप्रधान राम गोपाल, महासचिव प्रवेश शर्मा, खजांची शाम लाल शास्त्री समेत कई सदस्य मौजूद रहे।