मोहाली। सेक्टर-108 के सामने से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-205ए पर अव्यवस्थाओं के कारण लोगों की जान पर बन आई है। हाईवे पर लगे हाईमास्ट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय हादसों की संभावना बढ़ जाती है। सड़क किनारे उगी झाड़ियां और रोड बर्म पर बढ़ते अतिक्रमणों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
सेक्टर-108 एंट्री पॉइंट पर हाईवे पर हाईमास्ट लाइटें या तो ब्लिंक करती हैं, या कई दिनों तक बिल्कुल बंद रहती हैं। इस कारण लाइटों में लगे खराब एलईडी और पीएसपीसीएल की अनियमित बिजली आपूर्ति को बताया जा रहा है। पीएल गर्ग ईआर (सेवानिवृत्त) का कहना है कि एनएचएआई को तत्काल खराब हाईमास्ट लाइटों को बदलना या मरम्मत करनी चाहिए। पीएसपीसीएल को ट्रांसफार्मर का नियमित रख-रखाव करना चाहिए। उनके अनुसार यदि यह समस्या समय पर हल नहीं हुई तो अंधेरे के कारण हादसों में लोगों की जानें जा सकती हैं।
सड़क किनारे झाड़ियां कर रहीं दृश्यता बाधित
सेक्टर-197 एग्जिट के पास सड़क किनारे (रोड बर्म) पर झाड़ियां उग आई हैं। इन झाड़ियों के कारण वाहन चालकों को सामने से आती गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं। खासकर सेक्टर-108 से दाईं तरफ मुड़ने वाले वाहनों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय निवासी मनुश खैरा ने मांग की है कि हाईवे और पंजाब वन विभाग मिलकर इस हिस्से से झाड़ियों को तुरंत हटाएं ताकि हादसों को टाला जा सके।
रोड बर्म पर अतिक्रमण, यातायात प्रभावित
सड़क किनारे होर्डिंग्स, फल-सब्ज़ी बेचने वाले रेहड़ी-फड़ी वाले और पार्क किए गए वाहन न केवल हाईवे की खूबसूरती खराब कर रहे हैं, बल्कि यातायात की सुगमता और सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं। स्थानीय निवासी वरिंदर पाल मोंगिया ने जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि रोड बर्म पर अवैध तरीके से होर्डिंग्स लगाना, दुकानदारों और विक्रेताओं द्वारा जगह घेरना और गाड़ियों की पार्किंग करना, हाईवे पर रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहनों के लिए खतरा बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एनएचएआई, पीएसपीसीएल, वन विभाग और जिला प्रशासन अगर मिलकर जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं तो सेक्टर-108, 109, 104, 105 और 106 के आसपास रहने वाले लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस हाईवे से गुजरना पड़ेगा।
हमने सेक्टर-108 के लिए अलग से पावर ग्रिड लगा दिया है। हमारा काम सिर्फ सप्लाई का है, ये हाईमास्ट लाइट्स एनएचएआई ने लगाई है, मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। अगर उसमें कोई फॉल्ट आता है तो इसे एनएचएआई देखेगा। -सुमिंदर सिंह, एक्सईएन, पीएसपीएल, एरोसिटी डिवीजन