फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरड़ में 32 घंटे से हाईवे बंद, प्रशासन नहीं दिख रहा गंभीर

विज्ञापन
विज्ञापन
खरड़। शहर में पिछले 32 घंटों से हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप्प है। मंगलवार को 12 बजे धरना देने पहुंचे कोरोना योद्धा प्रदर्शनकारी पूरी रात कड़कती ठंड में सड़क पर बैठे रहे। इस प्रदर्शन में महिला योद्धा भी शामिल थीं।
विज्ञापन

हैरानी की बात यह रही कि इन कोरोना योद्धाओं की मांगें सुनने कोई भी सरकार का प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। देर रात को इनकी संख्या 100 से भी कम रह गई थी। अगर प्रशासन या पुलिस चाहती तो इन्हें मौके से हटाया जा सकता था, लेकिन देर रात कोई मसला हल होता न देखकर पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी वापस लौट गए। बुधवार दोपहर बाद इन कोरोना योद्धाओं को सरकार की ओर से आश्वासन दिलाया गया कि उनकी मांगे जल्दी स्वीकार कर ली जाएंगी। इसके लिए उनके प्रतिनिधिमंडल से एक जल्दी बैठक भी की जायेगी। सरकार द्वारा आश्वासन देने पर कोरोना योद्वा अपना आंदोलन समाप्त करके वापस अपने घरों को लौट गए। लगभग 26 घंटे बाद कोरोना योद्धाओं का आंदोलन समाप्त होते ही पुलिस और शहरवासियों ने राहत की सांस ली और हाईवे पर यातायात दोबारा शुरू हो सका। लेकिन यह राहत थोड़ा समय ही बरकरार रह सकी, कुछ मिनटों बाद ही एयरपोर्ट रोड पर कई दिनों से धरने पर बैठे ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में अचानक बस स्टैंड चौक पर आ गए और दोबारा जाम लगा दिया।
वही दूसरी ओर जाम लगने से शहर के दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बुधवार को भी बाहर से आ रहे यात्रियों को बसों ने खानपुर फ्लाईओवर के बाहर उतार दिया गया। यहां से यात्रियों को पैदल दो किलोमीटर तक चल कर आना पड़ा, जिससे बजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को मुश्किल का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

खरड़ में रुकी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई
शहर में रोज इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं दूध, ब्रेड, सब्जी और समाचार पत्रों की सप्लाई भी प्रभावित हुई। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने बुधवार सुबह अखबार लेकर आई गाड़ियों को भी आगे नहीं जाने दिया गया। चालकों ने किसी तरह वैकल्पिक रास्तों से अपने वाहनों को आगे निकाला। व्यापार मंडल खरड़ के प्रधान अशोक शर्मा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को धरने पर आने वाले प्रदर्शनकारियों को रेस्ट हाऊस के निकट खाली पड़ी जमीन दे देनी चाहिए। जिससे यातायात प्रभावित न हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें