मोहाली। वीआईपी सिटी मोहाली में पार्किंग की खराब हालत को लेकर आखिरकार न्यायिक कार्रवाई आरंभ हो गई है। डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने मोहाली की पार्किंग व्यवस्था पर चिंता प्रकट कर अपने वकीलों रंजीवन सिंह और रितुराग सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई कर चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुनीत गोयल की बैंच ने सरकार को 10 जुलाई के लिए नोटिस ऑफ मोशन जारी कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि मोहाली निवासियों को हर रोज पार्किंग की कमी के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अस्पतालों, मॉलों, लैबों और शिक्षा संस्थानों के पास न ही योग्य पार्किंग की सुविधाएं हैं, न ही सरकारी नक्शों में संवैधानिक तरीके से पार्किंग की योजना है। डिप्टी मेयर ने दलील दी थी कि मौजूदा पार्किंग नीतियां 2007-2009 की हैं। जब गाड़ियों की संख्या काफी कम थी, लेकिन आज हर घर में दो-तीन गाड़ियां आम बात बन चुकी है। इस मामले में कोर्ट ने सरकार से 10 जुलाई तक जवाब मांगा है और सभी संबंधित पक्षों को 10 जुलाई तक याचिका की 10 प्रतियां भेजने का आदेश दिया गया है।
पार्किंग को लेकर झगड़े में हुई थी एडवोकेट और वैज्ञानिक की मौत
शहर में पार्किंग की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि आए दिन पार्किंग को लेकर लड़ाई झगड़े होते रहतें है। कुछ साल पहले जहां फेज 3ए में पार्किंग को लेकर एक एडवोकेट को जान गई थी वहीं हाल ही में कुछ माह पूर्व सेक्टर 66 में आईआईएसईआर के वैज्ञानिक भी अपनी जान गंवा चुका है।