खरड़। शहर में करीब एक महीने से स्थानीय सफाई मुलाजिमों की हड़ताल चल रही है। इस कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। कूड़े से बदबू उठ रही है। लेकिन इस मामले को लेकर न तो जिला प्रशासन गंभीर दिख रहा है और न ही नेता। इस कारण भी सफाई मुलाजिम पूूरे गुस्से में हैं।
वीरवार को सामाजिक, धार्मिक और किसान मजदूर संगठनों समेत कई अन्य ट्रेड यूनियनों की ओर से नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के समर्थन में एक विशाल रैली निकाली गई। इस मौके पर मुलाजिमों ने जमकर नारेबाजी करते हुए खाली घड़े फोड़कर प्रदर्शन किया। नगर परिषद खरड़ के मेन गेट के पास किए गए इस विशाल रोष प्रदर्शन को किसान नेता मेहर सिंह खेड़ी, परमप्रीत सिंह खानपुर, गुरुद्वारा तालमेल कमेटी के प्रधान दविंदर सिंह खालसा, जागीर सिंह, जसबीर सिंह, राजिंदर सिंह सोहल, नरेगा फ्रंट के लखबीर सिंह बाबी, भारत निर्माण मिस्त्री मजदूर यूनियन सीटू के हरनाम सिंह डल्ला, म्यूनिसिपल कर्मचारी यूनियन के प्रधान महेश चंद्र और चेयरमैन जसबीर कौर आदि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रवक्ताओं ने सफाई सेवकों के जोखिम भरे काम के लिए सरकार की ओर से दिए जा रहे बेहद कम वेतन को सफाई सेवकाें के साथ कोरा मजाक बताते हुए कहा कि कीरत मंत्रालय की ओर से गैर हुनरमंद कर्मचारी को 18 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। लेकिन ठेकेदारी सिस्टम में सफाई सेवकों को केवल 7600 रुपये महीना दिए जा रहे हैं और सरकार की ओर से इन्हें स्थायी पक्का करने के बजाय ठेकेदाराें के रहम पर छोड़ दिया गया है।
प्रवक्ताओं ने आगे कहा कि सफाई सेवकों और म्यूनिसिपल कार्पोरेशन के कर्मचारियों की मांगों को तुरंत मान लेना चाहिए, ताकि शहर की सफाई और नगर परिषद कार्यालय में लोगों के रुके हुए काम हो सकें। प्रवक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगें न मानने की सूरत में शहर के लोग नेशनल हाईवे जाम करने समेत कोई अन्य प्रभावी कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
इस रैली में गुरनाम सिंह, अवतार सिंह, मजदूर नेता जगदीश सिंह मलिकपुर, सुरिंदर सिंह बडाला, जगजीत सिंह और राजिंदर सिंह खालसा समेत बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल थे।