मोहाली। जिले के लोगों को डेंगू के डंक से बचाने के लिए अब सेहत विभाग के अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर गली-गली जा रहे हैं। प्राइमरी हेल्थ सेंटर बूथगढ़ की सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. अलकजोत कौर की अगुवाई में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव जुझार नगर और बहलोलपुर में घर-घर जाकर चेकिंग की। स्वास्थ्य विभाग टीम ने लोगों के घरों में कूलर, बाहर रखी फ्रिज की ट्रे, गमलों, खाली पड़े टायरों, डिब्बों और अन्य सामान जिसमें पानी भरा रहता है और बाहर रखा रहता है, उसकी जांच की। इस दौरान कई मकानों में कूलरों में डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छर का लारवा मिला। उनके मकान मालिकों को पहले चेतावनी दी और जिन्हें पहले चेतावनी दी जा चुकी थी उनके चालान काटे गए।
एसएमओ ने लोगों से कहा कि डेंगू से बचाव के लिए वह अपने घरों और उसके आसपास पानी जमा न होने दें। शरीर को पूरी तरह से ढ़कने वाले कपड़े पहनने चाहिए। अगर किसी को डेंगू बुखार हो जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। मरीजों को सरकारी संस्थाओं में पहुंचाया जाए। वहां पर डेंगू का टेस्ट और इलाज बिल्कुल मुफ्त होता है। मरीजों को तरल पदार्थ जैसे की पानी, जूस, नींबू पानी, नारियल पानी आदि का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। साथ ही पूरी तरह से आराम करना चाहिए। किसी भी तरह की दिक्कत आने वाले पर हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करें। इस मौके पर आरएसओ डॉ. किरनदीप कौर, हेल्थ इंस्पेक्टर गुरतेज सिंह, सेहत वर्कर रणजीत कौर, जसपाल सिंह, राजिंदर सिंह, आशा वर्कर आदि मौजूद थे।
डेंगू के लक्षण
डेंगू एक बुखार है और यह एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के सामान्य लक्षणों में तेज सिरदर्द और तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंख, नाक, मुंह और मसूड़ों के पिछले हिस्से में दर्द, खून बहना और उल्टी शामिल है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी जैसे कूलर, पानी की टंकियों, फूलों के गमलों, रेफ्रिजरेटर के पीछे ट्रे, टूटे-फूटे बर्तन और खाली टायर और पानी के कंटेनरों में पनपते हैं। इनमें पानी खड़ा नहीं होने देना चाहिए।