लोगों को संबोधित करते स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू।
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पंजाब में लिंगानुपात में 19 अंकों का सुधार हुआ है। राज्य में अब एक हजार लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या 920 हो गई है। जबकि 2018-19 में यह अनुपात 901 था। आंकड़े बता रहे हैं कि बेटियों को लेकर अब समाज की सोच में बदलाव आ रहा है। अब लोग भी मानने लगे हैं कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। हालांकि अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है।
यह बात बुधवार को मोहाली के फेज-छह सिविल अस्पताल में राज्यस्तरीय 'धीयां दी लोहड़ी' समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कही। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का त्योहार बेटियों को बेटों के बराबर समझने का मौका देता है। बेटियों की लोहड़ी मनाना एक प्रशंसनीय कदम है। इस दिन हमें शपथ लेनी चाहिए कि अपने घर, रिश्तेदारी व आसपास में कन्या भ्रूण हत्या नहीं होने देंगे।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लड़कियों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं चला रही है। जिनका उदेश्य लिंगानुपात में सुधार लाना है। पंजाब सरकार पूरे महीने इस बार बेटियों की लोहड़ी मनाकर लोगों को जागरुक कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रिंसिपल सचिव हुसन लाल ने कहा कि लोहड़ी का त्योहार स्वास्थ्य के लिहाज से भी ज्यादा अहम है। क्योंकि पंजाब पर लगा कुड़ी मार का कंलक को धोने में स्वास्थ्य विभाग ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुछ जगह पर भ्रूण हत्या की घटनाएं अभी हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग इसे रोकने में पूरी तत्परता से लगा है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने नवजात बच्चियों व उनकी माताओं को तोहफे देकर लोहड़ी मनाई। साथ ही जच्चा-बच्चा की सेहत के बारे में जाना। इस मौके पर माता साहिब कौर नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने गिद्दे की प्रस्तुति दी।