मोहाली। सनेटा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ गुरदित्त सिंह पंजाब में अवैध हथियारों का बड़ा तस्कर निकला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह लॉरेंस गैंग का सक्रिय गुर्गा है। गुरदित्त खरड़-जीरकपुर में हथियारों की सप्लाई करता था। पुलिस ने उसके दो साथियों गौरव कुमार और दविंदर गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिनसे पूछताछ में गुरदित्त के नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आईटी सिटी थाने के उप निरीक्षक दीपक सिंह को सूचना मिली थी कि गुरदित्त सिंह ने गौरव कुमार को मोहाली में किसी वारदात के लिए हथियार दिए हैं।
इस सूचना पर आठ सितंबर को रात करीब साढ़े दस बजे एयरोसिटी के पास एयरपोर्ट चौक पर जाल बिछाया गया। पुलिस ने गौरव कुमार को .30 बोर पिस्टल और पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। उप निरीक्षक दीपक सिंह के बयान पर गौरव कुमार और गुरदित्त सिंह के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। गौरव को मोहाली अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया गया। पूछताछ में गौरव ने बताया कि गुरदित्त हथियारों की सप्लाई करता है। वह टैक्सी नंबर वाली ऑल्टो कार में हथियार लेकर घूमता था। उसने दविंदर गुप्ता को भी एक हथियार दिया था। इसके बाद पुलिस ने दविंदर को भी जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से .32 बोर पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए। दविंदर को पहले से दर्ज प्राथमिकी में नामजद किया गया। दविंदर को अदालत में पेश कर पुलिस ने उसका भी दो दिन का रिमांड हासिल किया।
साथियों की गिरफ्तारी से खुला राज
पुलिस पूछताछ में दविंदर ने खुलासा किया कि गुरदित्त ने उसे मोहाली में रंगदारी की वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार मुहैया करवाया था। वे गुरदित्त के संदेश का इंतजार कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरदित्त अपने साथी गौरव और दविंदर के साथ सफेद रंग की ऑल्टो कार में घूमता था। इसी कार से खरड़ और जीरकपुर इलाके में अवैध हथियारों की सप्लाई की जाती थी। आरोपियों ने पुलिस या आम लोगों को शक न हो, इसके लिए टैक्सी नंबर वाली कार रखी थी। यह टैक्सी गुरदित्त की बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने अब तक कितने लोगों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं।
सनेटा मुठभेड़ और प्रतिबंधित हथियार की बरामदगी
पुलिस को बुधवार को सूचना मिली कि गुरदित्त हथियार सहित सनेटा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची। पुलिस ने उसकी ऑल्टो कार का पीछा किया तो गुरदित्त ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान उप निरीक्षक की सेवा रिवॉल्वर से चली गोली गुरदित्त के पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। थाना सोहाना पुलिस ने सहायक उप निरीक्षक कमलप्रीत शर्मा के बयान पर गुरदित्त के खिलाफ हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
हथियार नेटवर्क की गहन जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने बताया कि गुरदित्त के कब्जे से 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद ग्लॉक पिस्टल आम लोगों के लिए प्रतिबंधित श्रेणी का हथियार है। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह प्रतिबंधित हथियार गुरदित्त तक कैसे पहुंचा। पुलिस उसके हथियार सप्लाई नेटवर्क, हथियार उपलब्ध करवाने वाले स्रोत और उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्हें गुरदित्त ने हथियार मुहैया करवाए हैं।