केस -1 : तुम देर रात तक व्हाट्सएप पर किससे चैट कर रहे थे? तुम्हारा व्हाट्सएप का लास्ट सीन रात ढाई बजे था।
केस-2 : मैने कल शादी की जो फोटो फेसबुक पर शेयर की थी। तुमने उसे लाइक क्यों नहीं की। तुमने मेरी फ्रैंड को कॉमन फ्रैंड क्यों बनाया...। जी हां सुनने में भले ही यह बाते बच्चों की लगें। लेकिन, वर्ल्ड क्लास सिटी मोहाली में यहीं बातें पति-पत्नी में तलाक की वजह बन रही हैं। यह बात सामने आई है डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) में आने वाले पति-पत्नी से जुड़े केसों से। जिनके मुताबिक पति-पत्नी के बीच व्हाट्सएप व फेसबुक भी तलाक की वजह बन रहें हैं। वहीं, इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शहर में मॉडर्न कल्चर पूरी तरह हावी हो गया है। परिवारों में बुजुर्गों की अनदेखी हो रही है। ऐसे में अब शाम को परिवारों में आपस में बातचीत करने का सिलसिला खत्म हो गया है। वहीं, पति-पत्नी आपस में बातचीत भी सोशल मीडिया पर ही करते हैं। ऐसे में पति-पत्नी के बीच तकरार शुरू हो जाती है। जिसको सुलझाना आम लोगों के बस में नहीं होता है। आखिर में नौबत तलाक तक पहुंच जाती है। डीएलएसए में गत साल जहां महिलाओं से जुड़े 223 केस सामने आए थे। वहीं, इस बार यह संख्या अभी तक 16 तक पहुंच गई है। जो कि आने वाले दिनों में बढ़ने की संभावना है। डीएलएसए के सचिव पुनीत शर्मा ने माना की फेसबुक व व्हाट़सएप से पति-पत्नी के बीच आ रहे तकरार के केसों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, ऐसे दंपति की प्रॉपर काउंसलिंग की जाती है। उन्होंने माना कि शहरी इलाकों में इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीएलएसए में गत वर्ष 598 केस पहुंचे। जिनमें 223 केस वैवाहिक संबंधों से जुड़े थे।
पढ़े लिखे लोगों को कम सैलरी भी तलाक की देन
जानकारी के मुताबिक, आजकल युवा काफी पढ़ लिख गए हैं। सरकारी नौकरियां मिल नहीं रही हैं। ऐसे में उन्हें सरकारी दफ्तरों में कांस्ट्रेक्ट या प्राइवेट कंपनियों में काम करना पढ़ता है। जबकि उन्हें योग्यता के बराबर वेतन नहीं मिलता है। जबकि इसके विपरीत सरकारी क्षेत्र का दर्जा चार मुलाजिम भी उनसे ज्यादा पैसे कमाता है। जबकि महंगाई काफी बढ़ गई है। पति-पत्नी जब अकेले रहते है तो वह अपना ही खर्च नहीं उठा पाते हैं। पहले छोटी-छोटी तकरार से सिलसिला शुरू होता है। जो कि आखिर तक नौबत तलाक तक की आती है।