पंचकूला। सेक्टर-20 के 115 सोसाइटियों के हजारों फ्लैट मालिकों को बिना कचरा उठाए नगर निगम ने 700 से 1200 रुपये का गारबेज शुल्क भेज दिया है। इसके खिलाफ स्थानीय निवासी योगेंद्र क्वात्रा और प्रेम मोंगा ने एडवोकेट उदित मेंदीरत्ता के माध्यम से नगर निगम कमिश्नर और मेयर को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि नगर निगम ने फ्लैटों से बिना कचरा उठाए लोगों को कचरा शुल्क का नोटिस थमा दिया है। एडवोकेट ने बताया कि नगर निगम को 15 दिन का कचरा शुल्क से जुड़ा नोटिफिकेशन वापस लेने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर निगम ने कचरा शुल्क का नोटिफिकेशन वापस नहीं लिया तो अदालत में याचिका दायर करेंगे।
पहले 1200 फिर 2400 अब 700 भेजा का भेजा शुल्क
सोसाइटी नंबर-91 निवासी पीके मोंगा ने बताया कि नगर निगम ने 2023 में गारबेज शुल्क 1200 रुपये भेजा था। इसके बाद नगर निगम की साइट पर ग्रीवांस में शिकायत डाली। ढाई माह बाद पूरा गारबेज बिल साइट से हटा दिया गया। उसके बाद जून 2023 में 2024 का भी प्रॉपर्टी टैक्स भर दिया। जैसे ही प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान किया, उसके तुरंत बाद 2400 रुपये का गारबेज शुल्क नगर निगम की साइट पर आउट स्टैंडिंग दिखाने लगा। दूसरी बाद शिकायत की तो 2400 रुपये का गारबेज शुल्क भी साइट से हटा दिया गया। अब तीसरी बार नगर निगम ने दिसंबर 2023 में 700 रुपये का गारबेज शुल्क भेज दिया है।
पहले फ्लैटों से कचरा उठाएं, उसके बाद शुल्क देंगे
सेक्टर-20 जीएच 41 निवासी याेगेंद्र क्वात्रा ने बताया कि एक दिन भी नगर निगम ने सोसाइटियों का कूड़ा नहीं उठाया है। उसके बाद भी फ्लैट मालिकों से गारबेज शुल्क वसूल रहा है। करीब 115 सोसाइटियों के फ्लैट मालिकों को विभाग ने प्रॉपर्टी टैक्स के साथ गारबेज शुल्क जोड़कर भेजा था। लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान भी कर दिया। उसके बाद भी गारबेज शुल्क का आउट स्टैंडिंग बिल नगर निगम की साइट पर दिख रहा है। जब विभाग गारबेज उठाया नहीं तो शुल्क किस बात की दें। नोटिस का हवाला देते योगेंद्र क्वात्रा ने बताया कि जिस तरह सेक्टरों से डोर-टू-डोर कचरा उठ रहा है। उसी तरफ नगर निगम को फ्लैटों से कचरा उठाना पड़ेगा। उसके बाद ही सोसाइटियों के लोग कचरा शुल्क का भुगतान करेंगे।
नगर निगम हर साल गीला कचरा के निस्तारण पर 18 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। सोसाइटी वालों को गारबेज शुल्क देना होगा। इसे 2018 में लागू किया गया था। चार साल का कचरा शुल्क माफ कर दिया गया है। 2023 और 2024 का कचरा शुल्क लोगों को देना ही होगा। रहा सवाल कानूनी नोटिस का उसका हम स्वागत करते हैं। आगे सरकार का जो फैसला होगा उस आधार पर निर्णय लिया जाएगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।