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जीरकपुर: लूटपाट की वारदात के बाद भी नहीं जागी पुलिस, रात को सड़कों पर नहीं मिलती सुरक्षा 

Mon, 09 May 2022 04:58 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर

सार

रात का अंधेरा होते ही शहर में गुंडाराज चलता है। अपराधी खुलेआम शहर में आने-जाने वाले राहगीरों व शहरवासियों से बुरी तरह मारपीट कर लूटपाट कर रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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जीरकपुर में छत लाइट प्वाइंट पर रात को नहीं दिखा कोई पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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जीरकपुर में रात के समय घरों से निकलने वाले लोगों की सुरक्षा अब रामभरोसे है क्योंकि शहर की सड़कों पर रात के समय कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आता। रात का अंधेरा होते ही शहर में गुंडाराज चलता है। अपराधी खुलेआम शहर में आने-जाने वाले राहगीरों व शहरवासियों से बुरी तरह मारपीट कर लूटपाट कर रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
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पुलिस की ओर से लगातार दावा किया जाता रहा है कि शहर में दो पीसीआर सहित जीरकपुर, ढकोली पुलिस स्टेशन व बलटाना पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी रात को नियमित गश्त करते हैं। इस दावे की पड़ताल करने के लिए गुरुवार रात अमर उजाला की टीम ने शहर की सड़कों की खुद जांच की। इस दौरान शहर के किसी भी एंट्री प्वाइंट या अन्य चौक पर पुलिस नहीं दिखाई दी।

पटियाला लाइट प्वाइंट : रात 10:00 बजे  
यह शहर का प्रमुख चौक है। यहां रातभर आवाजाही लगी रहती है। वहीं, शातिर भी अकेले आने वालों की फिराक में रहते हैं। टीम 10 मिनट तक यहां रही लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। इतना ही नहीं वहां बने ट्रैफिक पुलिस के बूथ में भी कोई नहीं था।
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छत लाइट प्वाइंट : रात 10:30 बजे
पटियाला लाइट प्वाइंट से निकलर टीम 10:30 बजे छत लाइट प्वाइंट पहुंची। वहां की सुरक्षा भी रामभरोसे ही थी। टीम 10.30 से लेकर 10.40 बजे तक छत लाइट प्वाइंट पर रही। यहां पर बने पुलिस बूथ पर ताला लगा था। वहीं, बाहर भी कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। हां लौटते समय रात 12.05 पर वहां एक पुलिसकर्मी खड़ा मिला।

मैकडोनल्ड चौक : रात 10:52 बजे
चंडीगढ़-अंबाला मुख्य मार्ग पर स्थित मैकडोनल्ड चौक पर 10.52 से 11.05 तक टीम डटी रही। वहां स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरा पसरा हुआ था। इस दौरान वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं नजर आया। इसके अलावा पीसीआर भी वहां नहीं थी।

वीआईपी रोड :  रात 11:11 बजे
वीआईपी रोड पर 11.11 से 11.21 तक टीम रही। इस दौरान रोड पर सन्नाटा पसरा रहा। टीम ने देखा कि स्ट्रीट लाइट बंद थी। इसके अलावा न तो वहां पीसीआर थी और न ही कोई पुलिसकर्मी। वहीं बलटाना लाइट प्वाइंट पर भी कोई पुलिस कर्मी नहीं नजर आया।

जमुना एनक्लेव : रात 12:20 बजे
अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार आलोक वर्मा पर जिस जगह हमला हुआ वहां वारदात के बाद भी कोई पुलिस की टीम गश्त करती नजर नहीं आई। अमर उजाला की टीम इस प्वाइंट पर 12.20 लेकर 12.35 बजे तक मौजूद रही पर कोई पीसीआर वहां नहीं दिखी। 
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